डायल 112 की जर्जर गाड़ियों पर हाईकोर्ट सख्त, डीजीपी का अधूरा जवाब खारिज

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डायल 112 सेवा की बदहाल स्थिति पर सख्त नाराजगी जताई है। अदालत ने डीजीपी द्वारा पेश किए गए शपथपत्र को अधूरा और असंतोषजनक बताते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इतने गंभीर मामले में इस तरह की अपूर्ण जानकारी देना न्यायालय का समय बर्बाद करने जैसा है।
हाईकोर्ट ने अब डीजीपी को निर्देश दिया है कि वे खुद व्यक्तिगत रूप से विस्तृत शपथपत्र दाखिल करें, जिसमें सभी जरूरी तथ्यों और जानकारी का समावेश हो।
सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पिछले दो वर्षों से डायल 112 के लिए खरीदे गए नए वाहन बिना उपयोग के खड़े-खड़े खराब हो रहे हैं, जबकि पुराने वाहन जर्जर हालत में हैं और फिर भी उन्हीं से इमरजेंसी सेवाएं दी जा रही हैं।
अदालत ने टिप्पणी की कि यह स्थिति जनता की सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ है और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
इस मामले की अगली सुनवाई 24 नवंबर को होगी, जिसमें डीजीपी को विस्तृत और तथ्यात्मक शपथपत्र अनिवार्य रूप से पेश करना होगा।





