हरियाली तीज 2025: चंद्र दर्शन, व्रत का महत्व और पूजन विधि

हरियाली तीज 2025 का पावन पर्व इस वर्ष 27 जुलाई (रविवार) को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। यह दिन विशेष रूप से सुहाग की सलामती, परिवार की खुशहाली और श्रेष्ठ जीवनसाथी की कामना के लिए महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और भगवान शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
हरियाली तीज 2025: चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय
हरियाली तीज पर 27 जुलाई को चंद्रमा सुबह 7.57 मिनट पर उदय होगा और रात 9.05 पर चंद्रास्त होगा. हरियाली तीज का चांद सुबह ही उदित हो जाता है लेकिन चंद्रमा की पूजा सूर्यास्त के बाद की जाती है.
ध्यान दें: हरियाली तीज का चांद सुबह निकलता है लेकिन पूजा सूर्यास्त के बाद ही की जाती है।
हरियाली तीज पर चांद क्यों देखती हैं महिलाएं?
चंद्रमा को मन, शीतलता, शांति और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। हरियाली तीज के दिन महिलाएं कठोर निर्जला व्रत रखती हैं, जिसमें मानसिक स्थिरता की अत्यंत आवश्यकता होती है।
चंद्रमा के दर्शन से:
मानसिक तनाव दूर होता है, वैवाहिक जीवन में सामंजस्य आता है, सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है
पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की जाती है
हरियाली तीज पर चंद्रमा की पूजा विधि
सूर्यास्त के बाद, खुले आकाश में चंद्रमा के दर्शन करें।
जल में दूध, चावल मिलाकर अर्घ्य अर्पित करें।
इस मंत्र का करें जाप :
“ॐ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम।
नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुटभूषणम्॥”
चंद्रमा की शीतल रोशनी में कुछ क्षण बैठें। मानसिक शांति और पति की लंबी आयु के लिए प्रार्थना करें।
हरियाली तीज: सिर्फ व्रत नहीं, प्रकृति से जुड़ाव का पर्व है ,यह व्रत सिर्फ एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि एक महोत्सव है जिसमें महिलाएं:
हरियाली वस्त्र पहनती हैं, श्रृंगार करती हैं,झूला झूलती हैं, और प्रकृति से जुड़ाव महसूस करती हैं





