आमाबेड़ा हिंसा पर सरकार सख्त, गृहमंत्री ने धर्मांतरण को बताया सामाजिक चिंता का विषय

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर हुई हिंसा के मामले पर राज्य सरकार की कड़ी नजर बनी हुई है। गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा है कि इस घटना ने समाज में गहरी नाराजगी और आक्रोश को उजागर किया है। उनके अनुसार, लोगों को भ्रमित कर धर्मांतरण कराने की घटनाओं से सामाजिक तनाव पैदा हो रहा है, जिसे गंभीरता से देखने की जरूरत है।
गृहमंत्री ने कहा कि आमाबेड़ा में स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी और हालात को संभालने के लिए प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि फिलहाल कांकेर जिले में हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन समाज में इस मुद्दे को लेकर गुस्सा साफ तौर पर दिखाई दिया है। उनका कहना था कि अचानक किसी व्यक्ति का समाज से अलग हो जाना कई बार टकराव की स्थिति पैदा कर देता है।
गौरतलब है कि कांकेर जिले के बड़े तेवड़ा गांव में धर्मांतरित व्यक्ति के शव के दफन को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस दौरान आक्रोशित भीड़ ने चर्च में तोड़फोड़ कर आग लगा दी, वहीं सरपंच के घर में भी नुकसान पहुंचाया गया। हिंसक झड़प के दौरान आदिवासी और ईसाई समाज आमने-सामने आ गए, जिसमें अंतागढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। बाद में प्रशासन ने भारी विरोध के बीच शव को कब्र से निकालकर बाहर भिजवाया।
धर्म स्वतंत्रता अधिनियम को लेकर विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि संबंधित विधेयक को शुद्धिकरण और संशोधन के लिए फिलहाल रोका गया है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय समाज की चिंता को समझने की जरूरत है और धर्मांतरण जैसे विषयों पर स्पष्टता होनी चाहिए।
गृहमंत्री ने नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि नए साल से पहले राज्यभर में सख्त कार्रवाई की जा रही है और हाल ही में राजधानी में बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। उनके अनुसार, एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रदेश में अब तक अभूतपूर्व कार्रवाई हुई है और तस्करों की पूरी श्रृंखला की गहन जांच की जा रही है।





