दिवाली से पहले सस्ता हो सकता है सामान, सरकार ला रही है नया जीएसटी सुधार

नई दिल्ली। आम जनता को बड़ी राहत देने के लिए सरकार अगली जीएसटी काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला ले सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लालकिले से घोषणा की थी कि जीएसटी ढांचे को सरल किया जाएगा। इसके तहत अब केवल दो टैक्स स्लैब 5% और 18% रखने की तैयारी है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार खाने-पीने की चीजें और कपड़ों को 5% जीएसटी स्लैब में लाने पर विचार कर रही है। अभी तक 1000 रुपये तक के कपड़ों पर 5% और उससे महंगे कपड़ों पर 12% जीएसटी लगता है। मिठाइयों पर भी अलग-अलग स्लैब हैं – बिना ब्रांड वाली मिठाई पर 5% और पैक्ड/ब्रांडेड मिठाई पर 18% टैक्स लगता है।
इसके अलावा सीमेंट पर भी बड़ी राहत मिल सकती है। फिलहाल सीमेंट पर 28% टैक्स लगता है, जिसे घटाकर 18% करने का प्रस्ताव है। यह कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग सेक्टर की लंबे समय से मांग रही है। वहीं, सैलून और ब्यूटी पार्लर जैसी सेवाओं पर भी टैक्स घटाने पर चर्चा हो सकती है। छोटे सैलून पर अभी टैक्स नहीं लगता, लेकिन बड़े सैलून पर 18% जीएसटी है।
स्वास्थ्य बीमा और टर्म इंश्योरेंस पर जीएसटी हटाने पर भी विचार हो रहा है। वहीं छोटी कारों पर 18% और बड़ी कारों पर 40% टैक्स जारी रहेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक 3 और 4 सितंबर को होगी। सरकार का इरादा है कि दशहरा और दिवाली से पहले ये नई दरें लागू कर दी जाएं, ताकि लोगों को त्योहार से पहले राहत मिल सके। हालांकि, इससे सरकार को करीब 40,000 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हो सकता है।
अगर ये बदलाव लागू होते हैं, तो त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं को खाने-पीने की चीजों, कपड़ों और घर बनाने की सामग्री पर काफी सस्ता सौदा मिल सकता है।





