माघ मेले से पहले खुल सकता है गंगा एक्सप्रेसवे, अंतिम चरण में पहुंचा 594 किमी लंबा मेगा प्रोजेक्ट

उत्तर प्रदेश का बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे अब अपने अंतिम चरण में है। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला करीब 594 किलोमीटर लंबा यह सिक्स लेन एक्सप्रेसवे नए साल में माघ मेले से पहले आम जनता के लिए खोला जा सकता है। करीब 36 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।
गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। अब केवल साइन बोर्ड लगाने, टोल प्लाजा, रोड मार्किंग और पेंटिंग जैसे अंतिम काम शेष हैं, जिन्हें जल्द पूरा किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे चार वर्षों में तैयार हुआ है और इसके जरिए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा।
यह एक्सप्रेसवे अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए वाहनों की गति और ट्रैफिक पर नजर रखी जाएगी। टोल प्लाजा के पास बनाए गए कंट्रोल रूम से निगरानी होगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके। इसके साथ ही पुलिस चौकियां, फायर स्टेशन और ट्रॉमा सेंटरों को भी एक्सप्रेसवे से जोड़ा जा रहा है।
शाहजहांपुर जिले के करीब 44 गांवों से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेसवे स्थानीय विकास की नई संभावनाएं खोल रहा है। जलालाबाद क्षेत्र के पास इंटरचेंज बनने से आसपास के इलाकों में औद्योगिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। यहां करीब एक हजार हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक गलियारे का विकास किया जा रहा है, जिससे फैक्ट्रियों और उद्योगों के आने का रास्ता खुलेगा।
एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 12 पेट्रोल पंप और ई-चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जा रहे हैं, जिससे वाहन चालकों को ईंधन और चार्जिंग की सुविधा आसानी से मिल सके। साथ ही 24 घंटे निगरानी और राहत-बचाव के लिए विशेष टीमें भी तैनात रहेंगी।
सामरिक दृष्टि से भी गंगा एक्सप्रेसवे को खास बनाया गया है। जलालाबाद क्षेत्र के पास करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी तैयार की गई है, जहां जरूरत पड़ने पर लड़ाकू विमानों की आपात लैंडिंग और उड़ान संभव होगी। यह पट्टी नाइट विजन जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
माघ मेले से पहले गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से न केवल श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश के विकास, व्यापार और सुरक्षा को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।





