चंदा लेने में भाजपा पहले और कांग्रेस दूसरे नंबर पर; सबसे ज्यादा फंड मिला चुनावी बाँड से

दिल्ली। राजनैतिक दलों द्वारा चंदा लिए जाने की जानकारी की रिपोर्ट एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने सोमवार को जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में भाजपा को सबसे ज्यादा 4340.47 करोड़ रुपए का चंदा मिला।
कांग्रेस को दूसरे स्थान पर 1225.12 करोड़ रुपए मिले। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पार्टियों को चंदे का बड़ा हिस्सा चुनावी बॉन्ड से मिला है। भाजपा ने अपनी कमाई का 51% यानी 2211.69 करोड़ रुपए खर्च किया, जबकि कांग्रेस ने अपनी इनकम का 83.69% यानी 1025.25 करोड़ रुपए खर्च किया। AAP को 22.68 करोड़ रुपए चंदा मिला, लेकिन पार्टी ने इससे ज्यादा 34.09 करोड़ रुपए खर्च किए।
चुनावी बॉन्ड से मिला सबसे बड़ा चंदा
चुनावी बॉन्ड से भाजपा को 1685.63 करोड़ रुपए मिले, जबकि कांग्रेस को 828.36 करोड़ और AAP को 10.15 करोड़ रुपए मिले। तीनों पार्टियों को चुनावी बॉन्ड के जरिए 2524.1361 करोड़ रुपए मिले, जो कुल चंदे का 43.36% है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल मई में चुनावी बॉन्ड को असंवैधानिक घोषित किया था।
अन्य पार्टियों का चंदा और खर्च
CPI (M) को 167.63 करोड़ रुपए का चंदा मिला, जिसमें से उसने 127.28 करोड़ रुपए खर्च किए। BSP को 64.77 करोड़ रुपए मिले और पार्टी ने 43.18 करोड़ रुपए खर्च किए। NPP को 0.22 करोड़ रुपए मिले और 1.13 करोड़ खर्च किए।
कांग्रेस ने खर्च कम किया
कांग्रेस ने अपनी “भारत जोड़ो यात्रा 2.0” पर करीब ₹50 करोड़ खर्च किए, जबकि पहली यात्रा पर ₹71.84 करोड़ खर्च किए गए थे। कांग्रेस ने प्रचार के लिए 207.94 करोड़ रुपए इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापनों पर और 43.73 करोड़ रुपए प्रिंट विज्ञापनों पर खर्च किए।
पार्टी ने 62.65 करोड़ रुपए प्लेन और हेलिकॉप्टर पर खर्च किए और 238.55 करोड़ रुपए अपने उम्मीदवारों की वित्तीय मदद में खर्च किए। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि पार्टी ने सोशल मीडिया पर 79.78 करोड़ रुपए खर्च किए।





