अयोध्या मंदिर से लेकर रूस-यूक्रेन युद्ध तक: जानिए 2024 के ऐतिहासिक पल
नए साल 2025 का इंतजार पूरी दुनिया में है, लेकिन 2024 का साल भी कई ऐतिहासिक घटनाओं से भरा रहा, जो लंबे समय तक याद रखा जाएगा। इस साल भारत और दुनिया भर में कई ऐसी घटनाएँ घटीं, जिन्होंने बड़े बदलाव और विचारोत्तेजक चर्चाओं को जन्म दिया। आइए, जानते हैं 2024 की कुछ प्रमुख घटनाओं के बारे में।

2024 का साल दुनिया भर में महत्वपूर्ण राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक घटनाओं से भरा रहा। अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा से लेकर रूस-यूक्रेन युद्ध तक, इस साल ने कई मोर्चों पर इतिहास रचा। हालांकि, नए साल 2025 में इन घटनाओं का असर और बदलाव देखने को मिल सकता है, लेकिन 2024 ने पूरी दुनिया में कई महत्वपूर्ण घटनाओं के रूप में अपनी छाप छोड़ी है।
अयोध्या राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा
22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा एक ऐतिहासिक पल था। यह भारत के करोड़ों हिंदुओं के लिए एक बड़ी धार्मिक और सांस्कृतिक घटना थी। लगभग 500 साल के संघर्ष और सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य अंतिम रूप से पूरा हुआ। इस दिन को हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन के रूप में याद किया जाएगा।
इस साल की शुरुआत में इस मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद, अयोध्या में धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक महत्व में भी वृद्धि हुई। हालांकि, इस घटना के बावजूद, 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा को अयोध्या से हार का सामना करना पड़ा, जो राजनीति और धार्मिक घटनाओं के बीच एक दिलचस्प मोड़ था।
लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार
2024 में भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) को लोकसभा चुनाव में झटका लगा। भाजपा ने “400 पार” का नारा दिया था, लेकिन उसे केवल 240 सीटें मिलीं, जबकि उत्तर प्रदेश में पार्टी को 80 में से महज 37 सीटें मिलीं। यह परिणाम पार्टी के लिए एक बड़ी हार के रूप में सामने आया, खासकर अयोध्या जैसी महत्वपूर्ण सीट पर।
राम मंदिर का मुद्दा चुनावों के दौरान गरमाया था, लेकिन इसके बावजूद भाजपा अपनी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। इसके अलावा, विपक्षी दलों ने भी इस चुनाव में भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाई।
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट
2024 में बांग्लादेश में एक बड़ा राजनीतिक संकट उत्पन्न हुआ, जब शेख हसीना की सरकार के खिलाफ छात्रों ने हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह विरोध उस कानून के खिलाफ था, जिसके तहत 1971 के स्वतंत्रता संग्राम के भागीदारों को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत कोटा दिया जाता था। प्रदर्शन इतने उग्र हो गए कि 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना को बांग्लादेश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
इसके बाद, मोहम्मद युनूस ने बांग्लादेश की कमान संभाली और शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद, हिंदू समुदाय के खिलाफ अत्याचारों में बढ़ोतरी हुई। इस घटना ने भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को प्रभावित किया और आशंका जताई जा रही है कि बांग्लादेश में चुनाव जल्द हो सकते हैं।
तिरुपति लड्डू विवाद
2024 में आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर में प्रसाद के रूप में मिलने वाले लड्डू को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया। आरोप लगे कि प्रसाद में इस्तेमाल किए गए घी में जानवरों की चर्बी और मछली का तेल था, जो धार्मिक दृष्टिकोण से विवादास्पद था। इस आरोप के बाद, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने प्रसाद की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए।
यह मामला आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार तक पहुंचा, और इस विवाद ने लोगों के बीच तीव्र चर्चाएँ पैदा कीं।
रूस-यूक्रेन युद्ध
24 फरवरी 2022 को शुरू हुआ रूस-यूक्रेन युद्ध 2024 में भी जारी रहा। इस युद्ध में दोनों देशों के बीच भीषण गोलाबारी हुई और लाखों लोग बेघर हो गए। रूस ने 2024 में यूक्रेन पर कई खतरनाक मिसाइलों का इस्तेमाल किया, जिनमें किंजर जैसे अत्याधुनिक मिसाइल शामिल थे। इस साल रूस के लिए यह पहली बार था जब उसने इन मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
संघर्ष के चलते सैकड़ों लोग मारे गए और यूक्रेन को भारी नुकसान उठाना पड़ा। इस युद्ध के खत्म होने की कोई स्पष्ट संभावना नहीं दिखी, लेकिन 2025 में इसे समाप्त करने की उम्मीद जताई जा रही है। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार कहा है कि वह युद्ध को खत्म करने के लिए कार्य करेंगे। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।





