सरकारी जमीन को निजी बताकर 30 लाख की धोखाधड़ी, सरकंडा पुलिस ने दर्ज किया केस

बिलासपुर:सरकारी जमीन को निजी बताकर 6 लोगों से करीब 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सरकंडा पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी नदीम अहमद और रमेश कुमार साहू समेत अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
पीड़ित संजय कुमार जायसवाल, जो कि रामनगर चिंगराजपारा का रहने वाला है और कारपेंटर का काम करता है, ने शिकायत में बताया कि उसने सीपत रोड से बहतराई रोड के बीच स्थित खसरा नंबर 270 में से 900 वर्गफीट जमीन 700 रुपये प्रति वर्गफीट की दर से नदीम अहमद से खरीदने का सौदा तय किया था।
18 जनवरी 2024 को इकरारनामा हुआ और संजय ने 1 लाख रुपये यूनियन बैंक से RTGS के माध्यम से दिए। इसके बाद 26 अप्रैल को रजिस्ट्री के समय दो गवाहों की मौजूदगी में बाकी 4 लाख 19 हजार रुपये रमेश कुमार यादव के खाते में RTGS के जरिए ट्रांसफर किए। साथ ही रजिस्ट्री फीस भी चुकाई गई।
लेकिन जब संजय ने जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) के लिए आवेदन किया तो कोर्ट से पता चला कि जमीन सरकारी है और नामांतरण खारिज हो गया। इसके बाद जब संजय ने अपना पैसा वापस मांगा, तो नदीम ने तीन चेक दिए, लेकिन सभी चेक बाउंस हो गए।
जांच में सामने आया कि यही जमीन और भी कई लोगों को बेचने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ठगे गए हैं। इनमें संतोषी साहू से 4.75 लाख, रानी साहू से 4.5 लाख, मुनई राम साहू से 7.41 लाख, मंजू धूरी से 1 लाख और शशी बाई साहू से 7.07 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
कुल मिलाकर आरोपियों ने एक ही जमीन को बेचने के नाम पर 6 लोगों से 30 लाख रुपये की ठगी की। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।





