भिलाई में ब्रह्माकुमारी संगठन की चार दिवसीय गीता ज्ञान ट्रेनिंग शुरू, आंतरिक परिवर्तन पर जोर

भिलाई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर-7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में चार दिवसीय “सत्य गीता ज्ञान से आंतरिक परिवर्तन” विषय पर टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम की शुरुआत हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ ब्रह्माकुमारी दीदियों ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
कर्नाटक के हुबली से आई गीता ज्ञान विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी वीणा दीदी ने पहले दिन कहा कि श्रीमद भगवत गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला मार्गदर्शक ग्रंथ है। उन्होंने बताया कि गीता का ज्ञान सिर्फ पढ़ने या सुनने के लिए नहीं है, बल्कि इसे विचारों, व्यवहार और जीवन शैली में उतारना जरूरी है।
वीणा दीदी ने कहा कि गीता हमें आत्म-ज्ञान, आत्म-चेतना और आत्म-शुद्धि की दिशा दिखाती है, जिससे जीवन में शांति, स्थिरता और संतुलन आता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जीवन कर्मों पर आधारित है—जैसा कर्म करेंगे, वैसी ही परिस्थितियाँ बनेंगी। इसलिए हर कर्म धर्म, सत्य और परमात्मा की चेतना के साथ करना चाहिए।
उन्होंने यह भी बताया कि गीता का संदेश सिर्फ व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज और मानवता के कल्याण का मार्ग है। आज की तेज रफ्तार जिंदगी, तनाव और मानसिक असंतुलन के दौर में गीता का ज्ञान युवाओं और समाज दोनों के लिए सहारा बन सकता है।
ट्रेनिंग प्रोग्राम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न सेवा केंद्रों की ब्रह्माकुमारी बहनों ने हिस्सा लेकर लाभ प्राप्त किया।





