सड़क सुधार के नाम पर खानापूर्ति, प्रशासन की लापरवाही से बढ़ा हादसों का खतरा…

बिल्हा
बिल्हा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन को देखते हुए सड़क मरम्मत का काम किया गया था, लेकिन यह केवल कागजी खानापूर्ति साबित हो रही है।
यह घटनाक्रम एक बार फिर से यह सवाल खड़ा करता है कि क्या जिला प्रशासन की प्राथमिकताएं केवल वीआईपी मूवमेंट तक सीमित हैं? क्या सड़क सुधार का मतलब सिर्फ ऊपरी दिखावा करना है, या प्रशासन की जिम्मेदारी केवल बड़े आयोजनों तक ही सीमित रह गई है?
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सड़क मरम्मत का दिखावा कर प्रशासन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा को नजरअंदाज किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल दुर्घटनाओं का कारण बन रही है, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं को भी जन्म दे रही है।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर कुछ ठोस कदम उठाएगा, या फिर इसे भी नजरअंदाज कर दिया जाएगा?





