ज्यादा स्क्रीन टाइम से कमजोर हो रही हैं आंखें, योग की एक्सरसाइज बचाएगी रोशनी..

इंदौर। आंखें शरीर की सबसे महत्वपूर्ण सेंसरी ऑर्गन है। शरीर ही नहीं संपूर्ण जीवन की खूबसूरती देखने के लिए आंखें एक बेहद अहम हिस्सा हैं। मगर, आधुनिक जीवनशैली और खास कोविड के बाद से टीवी और मोबाइल का इस्तेमाल अधिक हो गया है।
बढ़ती स्क्रीनटाइम के कारण आंखों की मांसपेशियों पर जिस प्रकार से दबाव बढ़ा है, ये एक दुखद बात है। ये डिजिटल आई स्ट्रेन है। जरूरत से ज्यादा आंखों से काम लेने के कारण आंखें कमजोर होती जा रही हैं, जिससे आजकल छोटे छोटे बच्चों को भी चश्मा लगना शुरू हो गया है।
इस सब लाइफ स्टाइल के चेंजेंस की वजह से आंखों को फोकस करने में दिक्कत महसूस होती है। ऐसे में बचपन से ही आंखों का ध्यान देना डेली रूटीन का एक हिस्सा होना चाहिए। ऐसी एक्सरसाइज और योगा की तरफ ध्यान देना जरूरी है जिससे आंखें मजबूत हों।
आंखों के लिए योगासन के फायदे
आंखों की मांसपेशियों मजबूत बनाती है। आंखों की थकावट जैसे आंखों से पानी आना, खुजली होना या आंखों के अधिक इस्तेमाल से पलकों पर भारीपन महसूस होता है। आखों को योगासन से ये परेशानियां दूर होती हैं। इसके साथ ही स्ट्रेस लेवल कम होता है और फोकस भी बढ़ता है।
- बिना गर्दन घुमाए आंखों की पुतलियों को दाएं-बाएं घुमाएं। फिर ऊपर नीचे घुमाएं।
- दाएं देखते हुए बाएं की तरफ पुतलियां घुमाएं।
- कस कर पलकें झपकाएं और फिर पूरी आंखें खोलें।
- नीचे दाएं की तरफ देखते हुए सीधा बाएं ऊपर की तरफ देखें।
- पुतलियों को गोल आकार में घुमाएं। एक बार क्लॉकवाइज फिर एंटी क्लॉकवाइज।
- इन एक्सरसाइज से आंखों की मांसपेशियां स्ट्रेच होती हैं और मजबूत भी बनती हैं।
- उंगली की टिप को नाक के पास रख के दोनों आंखों से उसे देखें।
- इस उंगली को फिर दाएं से बाएं घुमाएं और उंगली के टिप पर नजर रखें।
- इससे आंखों के लेंस को कंट्रोल करने वाली मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
- अपनी दोनों हथेलियों को आपस में मलें और जब ये गर्म हो जाएं, तो इन्हें आंखों पर लगाएं।
- हथेलियों से आंखें पूरी तरह कवर हो जाएं। इसे योग की भाषा में पामिंग कहते हैं।
- इससे आंखों को सुकून मिलता है। ये सभी योगासन कम से कम 10 बार दोहराएं।





