Mafia game: रेत माफियाओं का वसूली और राजनीतिक संरक्षण, रेत घाट बना संगठित अपराध का केंद्र, वायरल वीडियो ने खोली नेटवर्क की परतें

Mafia game: बिलासपुर। बिलासपुर के रतखंडी घाट से वायरल हुए वीडियो ने जिले में सक्रिय रेत माफिया के बेखौफ साम्राज्य और प्रशासन की आंखें मूंद लेने वाली नीति को बेनकाब कर दिया है। हथियारबंद गुंडों द्वारा खुलेआम वसूली, नाम लेकर धमकी और विभागों की चुप्पी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एक युवक ट्रैक्टर चालकों से सौ-सौ रुपये की वसूली करते हुए कहता है – “कोई दिक्कत हो तो सरपंच और यासीन का नाम लेना”, और एक मोबाइल नंबर 8461021175 भी सामने आता है, जो इस अवैध नेटवर्क की गहराई की ओर इशारा करता है।
अब सवाल ये है कि क्या ये रतखंडी घाट वैध है या स्वीकृति के नाम पर अवैध कारोबार का अड्डा बन चुका है? आखिर वह कौन नेता है जिसकी शह में ये लोग लाठी और हथियार लेकर वसूली कर रहे हैं? खनिज विभाग के अधिकारी सिर्फ यही बयान दे रहे हैं कि कार्रवाई की जा रही है और की जाएगी, लेकिन सवाल उठता है कि जब कार्रवाई हो रही है तो फिर गोलू कांड, अमलडीहा में मोनू रजक की मौत, सेंदरी घाट में बच्चियों की डूबकर मौत और अब यह लाठी-डंडे से उगाही जैसी घटनाएं क्यों सामने आ रही हैं?
आखिरी बार इस घाट पर कार्रवाई कब हुई थी और क्या विभाग सिर्फ बयानबाज़ी तक ही सीमित है? हर दिन 30 से ज्यादा गाड़ियों से रेत का अवैध परिवहन, खामोश प्रशासन और बेशर्म माफिया अब यह साबित कर रहे हैं कि यह केवल खनन नहीं, सत्ता संरक्षित संगठित अपराध है जो आम जनता के हक और सुरक्षा दोनों पर हमला कर रहा है।





