digital revolution: बस्तर से सरगुजा तक डिजिटल क्रांति का विस्तार: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा

रायपुर,
digital revolution: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय (महानदी भवन) में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” की तर्ज पर “विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के निर्माण में डिजिटल क्रांति की भूमिका अहम है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश के सुदूर क्षेत्रों, विशेषकर बस्तर और सरगुजा संभाग में मोबाइल कनेक्टिविटी और इंटरनेट नेटवर्क को मज़बूत किया जाए। इस दिशा में 5000 से अधिक मोबाइल टॉवर लगाने का चरणबद्ध लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा कि ई-डिस्ट्रिक्ट 2.0 के अंतर्गत वर्तमान में उपलब्ध 85 ऑनलाइन सेवाओं का विस्तार करते हुए 250 ऑफलाइन सेवाओं को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना है। इससे शासन प्रणाली अधिक पारदर्शी, त्वरित और नागरिकों के लिए सुलभ बनेगी।
मुख्यमंत्री साय ने स्टेट डाटा सेंटर को टीयर-थ्री मानकों के अनुरूप अपग्रेड करने और फाइबर नेटवर्क लाइन बिछाने के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
अटल मॉनिटरिंग पोर्टल
नियद नेल्लानार एवं एलडब्ल्यूई सैचुरेशन डैशबोर्ड
भारतनेट फेज़-2 परियोजना
सीजी स्टेट डाटा सेंटर (CGSDC)
आधार एनरोलमेंट इन-हाउस मॉडल
ई-प्रोक्योरमेंट
सीजी स्वान
कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम
बैठक के दौरान विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह ने विभाग की प्रगति और विगत सवा वर्ष की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खनिज 2.0 पोर्टल का सफल क्रियान्वयन हुआ है, वाई-फाई मंत्रालय योजना प्रारंभ हुई है, और ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल को नए स्वरूप में लागू किया गया है।
मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, चिप्स के सीईओ श्री प्रभात मलिक, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।





