मणिपुर में फिर भड़की जातीय हिंसा: कुकी युवती से विवाह करने वाले मैतेयी युवक की अपहरण के बाद गोली मारकर हत्या

इंफाल। मणिपुर में एक बार फिर जातीय हिंसा भड़क उठी है। चूड़चंदपुर जिले में कुकी उग्रवादियों द्वारा मैतेयी समुदाय के एक युवक का अपहरण कर गोली मारकर हत्या किए जाने से राज्य में तनाव और गहरा गया है। मृतक की पहचान 38 वर्षीय मयांगलांबम ऋषिकांत सिंह के रूप में हुई है, जिसने कुकी आदिवासी समुदाय की युवती चिंगनु हाओकिप से विवाह किया था। विवाह के बाद उसने अपना नाम बदलकर गिनमिनथांग रख लिया था।
पुलिस के मुताबिक, बुधवार को ऋषिकांत का उसके घर से अपहरण किया गया था। बाद में उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के पीछे यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी (UKNA) का हाथ होने का संदेह जताया जा रहा है। घटना के विरोध में गुरुवार को मैतेयी समुदाय के लोगों ने काकचिंग जिले सहित इंफाल पूर्वी जिले के कई इलाकों में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए, वाहनों को रोका और धरना दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने हत्या पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है। उन्होंने बताया कि दोषियों की गिरफ्तारी के लिए बुधवार रात से ही सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और राज्य व केंद्र सरकार मिलकर समन्वित कार्रवाई कर रही हैं।
मृतक के पिता मयांगलांबम टांबी सिंह ने बताया कि ऋषिकांत 19 जनवरी को अपनी पत्नी के साथ नेपाल से चूड़चंदपुर लौटा था और वहीं रह रहा था। बुधवार शाम तीन हथियारबंद लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ता उसकी पत्नी को भी साथ ले गए थे, लेकिन बाद में उसे चलती गाड़ी से बाहर फेंक दिया गया।
इस बीच, सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें ऋषिकांत को गोली मारे जाने से पहले हाथ जोड़कर अपनी जान की भीख मांगते हुए देखा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि मई 2023 से कुकी और मैतेयी समुदायों के बीच जारी हिंसा में अब तक 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हो चुके हैं।





