तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी तेज, बीजेपी-एआईएडीएमके गठबंधन पर कयास

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मुलाकात के बाद अटकलें लगाई जा रही हैं कि एआईएडीएमके (AIADMK) और बीजेपी (BJP) के बीच गठबंधन हो सकता है। हालांकि, पलानीस्वामी ने गठबंधन पर अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया है।
दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात
एआईएडीएमके महासचिव पलानीस्वामी ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि यह बैठक तमिलनाडु के कई लंबित मुद्दों को लेकर थी। उन्होंने राज्य के लिए केंद्र सरकार से रुके हुए फंड को जल्द जारी करने की मांग की। इसके अलावा, उन्होंने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए धन आवंटन की भी गुजारिश की।
भाषा नीति और परिसीमन पर विचार
पलानीस्वामी ने दो-भाषा नीति (तमिल और अंग्रेजी) का समर्थन करते हुए कहा कि इसे आगे भी जारी रहना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के प्रस्तावित परिसीमन पर भी चर्चा की और कहा कि इससे तमिलनाडु को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए। साथ ही, गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ने की योजना और नादंती वाझी कावेरी योजना के लिए भी धन जारी करने की मांग की।
गठबंधन को लेकर पलानीस्वामी का रुख
जब उनसे बीजेपी के साथ संभावित गठबंधन पर सवाल किया गया, तो पलानीस्वामी ने कहा कि चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ है, इसलिए इस पर अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि गठबंधन हमेशा चुनाव के समय तय किए जाते हैं, जैसा कि 2019 के लोकसभा और 2021 के विधानसभा चुनावों में हुआ था।
गठबंधन पर अभी कोई निर्णय नहीं
पलानीस्वामी ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार गठबंधन बदलते हैं, लेकिन विचारधारा और नीतियां स्थायी रहती हैं। उन्होंने डीएमके के गठबंधन का उदाहरण देते हुए कहा कि उसमें भी पार्टियां बदलती रहती हैं।
मीडिया में अटकलों को किया खारिज
बीजेपी से गठबंधन को लेकर लग रही अटकलों पर पलानीस्वामी ने कहा कि यह सिर्फ मीडिया की अटकलें हैं। उनका कहना है कि चुनाव में अभी एक साल बाकी है, इसलिए इस मुद्दे पर अभी चर्चा करना सही नहीं होगा।





