केरल में पोंजी स्कीम पर ईडी की कड़ी कार्रवाई, माय क्लब ट्रेडर्स की करोड़ों की संपत्ति जब्त

प्रवर्तन निदेशालय ने केरल में संचालित पोंजी स्कीम माय क्लब ट्रेडर्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 3.78 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। ईडी के कोच्चि जोनल कार्यालय ने यह कदम मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत उठाया है। एजेंसी के अनुसार, यह संपत्तियां निवेशकों से ठगी कर जुटाई गई रकम से खरीदी गई थीं।
जांच में सामने आया है कि माय क्लब ट्रेडर्स पोंजी स्कीम को मुहम्मद फैसल, अबू सुफियान और उनके सहयोगी चला रहे थे। आरोपियों ने निवेशकों को अधिक मुनाफे का लालच देकर बड़ी संख्या में लोगों से पैसे जुटाए। जब्त की गई संपत्तियों में कृषि भूमि, रिहायशी मकान, व्यावसायिक जमीन और बैंक खाते शामिल हैं, जो आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों व कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं।
ईडी के मुताबिक, निवेशकों को हर कार्यदिवस में लगाए गए धन पर एक फीसदी मुनाफा देने का वादा किया जाता था, जो व्यावहारिक नहीं था। इस स्कीम को क्रिप्टोकरेंसी और अन्य व्यापारिक निवेश के नाम पर प्रचारित किया गया, जबकि वास्तव में यह एक पिरामिड और मनी सर्कुलेशन स्कीम थी। नए निवेशक लाने पर अतिरिक्त कमीशन का भी लालच दिया जाता था।
जांच एजेंसी का कहना है कि इस स्कीम में नए निवेशकों से प्राप्त धन से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता रहा। जैसे ही नए निवेशकों का प्रवाह रुका, पूरी योजना ढह गई और बड़ी संख्या में लोगों को उनका पैसा नहीं मिल सका।
ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि निवेशकों से अधिकतर रकम नकद में ली जाती थी, ताकि एजेंसियों की नजर से बचा जा सके। बाद में इस धन को शेल कंपनियों के जरिए घुमाकर संपत्तियां खरीदी गईं। इससे पहले जून 2025 में ईडी ने इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त किए थे।
प्रवर्तन निदेशालय का कहना है कि मामले की जांच जारी है और पोंजी स्कीम से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।





