ECB ने सातवीं बार ब्याज दरों में की कटौती, ट्रंप ने जताई पावेल से नाराजगी

नई दिल्ली। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) ने गुरुवार को इस साल सातवीं बार ब्याज दरों में कटौती की है. साथ ही ब्याज दर और भी कम करने के संकेत दिए हैं. जबकि इससे एक दिन पहले ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिए कि वह फिलहाल ब्याज दरों में कटौती करने की जल्दी में नहीं हैं. उनका कहना है कि मौद्रिक नीति पर फैसला लेने में वह कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे. उनका फोकस फिलहाल ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव पर है.
अब जाहिर सी बात है कि ट्रंप पावेल के इस फैसले से नाखुश हैं. उन्होंने गुरुवार को अपने एक पोस्ट में फेड रिजर्व की तुलना ईसीबी से की और पॉवेल को “हमेशा देर से और गलत” बताते हुए उनकी आलोचना की. ट्रंप का कहना है कि पावेल को यूरोपीय सेंट्रल बैंक की तरह पहले ही ब्याज दरें कम कर देनी चाहिए थी. बता दें कि फेडरल रिजर्व ने नीतिगत ब्याज दर को दिसंबर से 4.25 परसेंट-4.50 परसेंट के दायरे में बरकरार रखा है, जबकि सितंबर से दिसंबर 2024 तक तीन बार ब्याज दरों में कटौती की थी.
ट्रंप ने अपने पोस्ट में तर्क देते हुए कहा, ”तेल और किराने के सामान (यहां तक कि अंडे) की कीमतें कम हो गई हैं. अमेरिका टैरिफ के जरिए अमीर हो रहा है. ECB की तरह ब्याज दरें बहुत पहले ही कम कर देनी चाहिए थीं, लेकिन अब तो निश्चित रूप से कम करना ही चाहिए.”
जबकि फेड रिजर्व के पॉलिसी मेकर्स इन दिनों कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. बुधवार को शिकागो के इकोनॉमिक क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में पावेल ने कहा, टैरिफ की वजह से महंगाई बढ़ सकती है. ऐसे में फेड के लिए कमजोर आर्थिक विकास से निपटना मुश्किल हो जाएगा. इससे पहले जेरोम पावेल ने कहा था कि अगर महंगाई कम नहीं हुई तो ब्याज दरें ऊंची बनी रह सकती है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने गुरुवार को फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पावेल पर हमला बोलते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ”बर्खास्तगी इतनी जल्दी नहीं हो सकती.” 2017 में ट्रंप ने जेरोम पॉवेल को फेड का चेयरमैन नियुक्त किया. उनका कार्यकाल मई 2026 में समाप्त होगा. हालांकि, यह कोई पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने पावेल को धमकी दी है, बल्कि इससे पहले भी 2018 में इंटरेस्ट रेट पॉलिसी को लेकर वह पावेल से भिड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें बर्खास्त नहीं किया.





