ड्राई मौसम का असर, रायपुर और जगदलपुर में बढ़ी गर्मी, अगले 5 दिन नहीं बदलेगा तापमान

छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। रायपुर और जगदलपुर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे दिन के समय गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है।
बीते 24 घंटों में प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस रायपुर और जगदलपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ। रायपुर में अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 16.3 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से थोड़ा अधिक है।
दिन के समय हवा की गति काफी कम रही और आसमान पूरी तरह साफ रहा। सुबह के समय हल्की धुंध छाए रहने की संभावना जताई गई है। सरगुजा संभाग, पेंड्रा और अमरकंटक क्षेत्रों में सुबह और शाम ठंड का असर अभी भी बना हुआ है। कई इलाकों में हाल के दिनों में घना कोहरा भी देखा गया।
ठंड का असर बच्चों की सेहत पर भी पड़ रहा है। बीते एक महीने में राजधानी रायपुर और निजी अस्पतालों में हाइपोथर्मिया के 400 से अधिक मामले सामने आए हैं। डॉक्टरों के अनुसार बच्चों का शरीर जल्दी ठंडा होता है, जिससे उनमें इस बीमारी का खतरा अधिक रहता है। नवजात और सीजेरियन डिलीवरी से जन्मे बच्चों में जोखिम ज्यादा होता है।
हाइपोथर्मिया एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर का तापमान सामान्य स्तर से नीचे चला जाता है। इससे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर असर पड़ता है और समय पर इलाज न मिलने पर स्थिति जानलेवा हो सकती है। ठंडी हवा, नमी और ठंडे पानी के संपर्क में आने से यह खतरा और बढ़ जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने मौसम में उतार-चढ़ाव को देखते हुए एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि ठंड के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने सर्दियों में इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए विटामिन सी युक्त आहार लेने की सलाह दी है। संतरा, नींबू और आंवला को डाइट में शामिल करने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा अदरक-तुलसी की चाय और काढ़ा पीने से सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण से बचाव में मदद मिलती है।





