कवर्धा में डॉक्टरों का सम्मान, जल्द बनेंगे आधुनिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज

कवर्धा में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में योगदान दे रहे डॉक्टरों के सम्मान में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने किया। इसमें जिला अस्पताल के साथ-साथ निजी अस्पतालों के चिकित्सक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनके साथ रात्रि भोज भी किया। उन्होंने जिले के दूर-दराज वन क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर लोगों की सेवा करने वाले डॉक्टरों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर “आधे भगवान” होते हैं, जो सेवा भावना से लोगों की जान बचाते हैं।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि कवर्धा में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। जिले में 50 बिस्तरों वाला मातृत्व एवं शिशु अस्पताल शुरू किया जाएगा, जिसके लिए 40 नए पद स्वीकृत किए गए हैं। जिला अस्पताल में 16.63 करोड़ रुपये की लागत से क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक, सीटी स्कैन सुविधा, अत्याधुनिक पब्लिक हेल्थ लैब और पावर बैकअप सिस्टम की स्वीकृति दी गई है।
इसके साथ ही जिला अस्पताल की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 220 बिस्तर की जा रही है और इसके लिए 258 नए पद भी मंजूर किए गए हैं। पिपरिया और रेंगाखार स्वास्थ्य केंद्रों को एम्बुलेंस दी गई है, जबकि बोड़ला स्वास्थ्य केंद्र में सोनोग्राफी मशीन उपलब्ध कराई गई है।
सबसे बड़ी घोषणा यह रही कि 318.27 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इससे आने वाले समय में कवर्धा एक मेडिकल हब के रूप में विकसित होगा और लोगों को बड़े शहरों जैसी सुविधाएं अपने ही जिले में मिल सकेंगी।





