सरपंच की मौत के बाद मुआवजे पर विवाद, महिला ने किया पत्नी होने का दावा

Dispute over compensation after the death of
बिल्हा ब्लॉक के उमरिया पंचायत में सरपंच मोहन मरावी की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद मुआवजे को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। मृतक सरपंच की पत्नी रामकुमारी मरावी ने न्यायालय में छतीपूर्ति राशि के लिए दावा प्रस्तुत किया था, लेकिन कुछ महीनों बाद गांव की ही महिला पंच शिवरात्रि राजपूत ने खुद को मोहन मरावी की पत्नी बताते हुए मुआवजे पर हक जताया।
फर्जी दावे की शिकायत दर्ज
विवाद बढ़ने पर रामकुमारी मरावी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि शिवरात्रि राजपूत ने अपने फर्जी आधार कार्ड के जरिए मोहन मरावी को अपना पति दर्शाया है। रामकुमारी ने बताया कि शिवरात्रि राजपूत अपने पति सरोज राजपूत और चार बच्चों के साथ रहती है और यह सब झूठे दस्तावेजों के आधार पर किया जा रहा है।
रामकुमारी का मजबूत दावा
रामकुमारी मरावी ने न्यायालय में कुल 14 दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, जिनसे यह साबित होता है कि मोहन मरावी की एकमात्र पत्नी वही है। रामकुमारी के अनुसार, तीन साल पहले सामाजिक रीति-रिवाज से उनकी शादी हुई थी और वह ही मोहन मरावी की पत्नी हैं।
पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग
रामकुमारी ने पुलिस से यह भी मांग की है कि शिवरात्रि राजपूत के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, जो जानबूझकर झूठे दस्तावेज तैयार कर रही है। इस विवाद के चलते रामकुमारी ने कोर्ट में इस फर्जी दावे को चुनौती देने की बात कही है।
वकील की टिप्पणी
रामकुमारी के वकील का कहना है कि शिवरात्रि राजपूत ने जानबूझकर झूठे दस्तावेज तैयार कराए हैं और अब कोर्ट में इस फर्जी दावे को चुनौती दी जाएगी।





