माफी के बावजूद खाड़ी देशों पर हमले जारी, ईरान-इजराइल टकराव से बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर ड्रोन और मिसाइल हमले जारी रखे हैं। सऊदी अरब, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात की वायु रक्षा प्रणालियों ने कई ड्रोन और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया है। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया जब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पहले पड़ोसी देशों पर हुए हमलों के लिए माफी जताई थी।
ईरानी सरकारी प्रसारण में दिए गए एक संबोधन में राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा था कि ईरान की ओर से पड़ोसी देशों को निशाना बनाना उसकी मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान उन स्थानों को निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सैन्य मौजूदगी है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस बात पर सहमति जताई है कि जब तक ईरान पर इन देशों की जमीन या हवाई क्षेत्र का उपयोग कर हमला नहीं किया जाता, तब तक उन पर मिसाइल नहीं दागी जाएगी।
हालांकि शनिवार रात इजराइल की ओर से ईरान पर कई हमले किए गए, जिनमें तेहरान के एक ऑयल डिपो पर हमला सबसे गंभीर बताया जा रहा है। इसके बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई तेज हो गई। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के अधिकारियों ने कहा कि तेल डिपो पर हमले के जवाब में इजराइल के हाइफा स्थित ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की माफी को अपनी कूटनीतिक जीत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि लगातार अमेरिकी और इजराइली हमलों के कारण ईरान को अपने पड़ोसी देशों से माफी मांगनी पड़ी। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान इस संघर्ष में कमजोर पड़ गया है और अब वह मध्य पूर्व में पहले जैसी स्थिति में नहीं है।
मध्य पूर्व में जारी इस टकराव के कारण क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हमले और जवाबी कार्रवाई इसी तरह जारी रही तो खाड़ी क्षेत्र में हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं।





