बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में डिप्टी रेंजर ने कुएं में कूदकर आत्महत्या की कोशिश, एसडीओ और रेंजर पर प्रताड़ना का आरोप

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में तैनात डिप्टी रेंजर लल्लू लाल दीक्षित ने एसडीओ और रेंजर पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शुक्रवार रात कुएं में कूदकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि समय रहते बचाव दल ने उन्हें रेस्क्यू कर लिया और उनकी जान बच गई। घटना से पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के मुताबिक, घटना से पहले डिप्टी रेंजर ने वॉट्सएप पर एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें उन्होंने एसडीओ दिलीप सिंह मराठा और रेंजर राहुल किरार पर गंभीर आरोप लगाए। सुसाइड नोट में लिखा गया कि दोनों अधिकारी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और उनकी हत्या करवाने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके दो साथी फॉरेस्ट गार्ड — राजकुमार यादव और राजकुमार मिश्रा — के जरिए उनकी जान लेने की योजना बनाई जा रही है।
दीक्षित ने लिखा कि वह नहीं चाहते कि उनके ही दोस्तों के हाथों उनकी हत्या हो, इसलिए वह खुदकुशी कर रहे हैं। कुएं में कूदने के बाद उन्हें गंभीर चोटें आईं और पहले मानपुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां से उनकी स्थिति गंभीर होने पर शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
घटना ताला कोर जोन क्षेत्र की बताई जा रही है। फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने पुष्टि करते हुए कहा कि घटना की जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। वहीं एसडीओ दिलीप सिंह मराठा ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
बताया जा रहा है कि दिलीप सिंह मराठा पर इससे पहले भी अभद्रता और गाली-गलौज के आरोप लग चुके हैं। कुछ महीने पहले एक ऑडियो वायरल होने के बाद उन्हें निलंबित भी किया गया था।
ड्यूटी डॉक्टर के अनुसार, लल्लू लाल दीक्षित के शरीर पर गंभीर चोट के निशान नहीं मिले हैं, केवल ठोढ़ी पर एक घाव है, जो कुएं में गिरने से हुआ होगा। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
रात के करीब 12 बजे तक पूरा वन विभाग अस्पताल में मौजूद रहा। घटना के बाद विभागीय अधिकारियों में चिंता और आक्रोश का माहौल है। जांच में यह सामने आने की उम्मीद है कि आखिर डिप्टी रेंजर को आत्महत्या जैसे कदम के लिए किसने और क्यों मजबूर किया।





