घने कोहरे का असर, उत्तर भारत की ट्रेनें 9 से 12 घंटे तक लेट, यात्री हलकान

उत्तर भारत में पड़ रहे घने कोहरे का असर रेल यातायात पर साफ दिखाई दे रहा है। कोहरे की वजह से उत्तर भारत से आने-जाने वाली ही नहीं, बल्कि मध्य और दक्षिण भारत से गुजरने वाली कई ट्रेनें भी भारी देरी से चल रही हैं। कई गाड़ियां अपने निर्धारित समय से 9 से 12 घंटे तक लेट हो चुकी हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रेनों की लगातार देरी से यात्रियों का बुरा हाल है। ठंड और कोहरे के बीच स्टेशन पर घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। यात्री अपनी नाराजगी सोशल मीडिया पर जाहिर कर रहे हैं और रेल मंत्रालय, डीआरएम और संबंधित मंडलों को टैग कर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि जहां कोहरा नहीं है, वहां से आने वाली ट्रेनें भी देरी से क्यों चलाई जा रही हैं।
कानपुर एक्सप्रेस स्पेशल करीब 9 घंटे 50 मिनट की देरी से चली। गाड़ी का निर्धारित समय शनिवार शाम 5 बजकर 15 मिनट प्रस्थान और रविवार सुबह 10 बजकर 55 मिनट आगमन का था, लेकिन भारी देरी के कारण ट्रेन रात करीब 8 बजकर 45 मिनट पर सिहोरा स्टेशन से रवाना हो सकी। इस देरी को लेकर यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शिकायत दर्ज कराई है।
कोहरे की वजह से रीवा-आनंद विहार एक्सप्रेस, जिसे रेवांचल एक्सप्रेस के नाम से जाना जाता है, भी अपने निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सकी। सतना जंक्शन से शाम 5 बजकर 25 मिनट पर चलने वाली यह ट्रेन कई घंटे देरी से चली और देर रात के बाद ही प्रस्थान कर पाई।
ट्रेनों की देरी के चलते कई यात्री पारिवारिक कार्यक्रमों और जरूरी कामों में समय पर नहीं पहुंच सके। किसी की बहन की सगाई छूट गई तो कोई बीमार परिजन के पास समय पर नहीं पहुंच पाया। यात्रियों का आरोप है कि कई जगह ट्रेनों को रोककर दूसरी गाड़ियों को पहले निकाला जा रहा है, जिससे देरी और बढ़ रही है।
लगातार बिगड़ते हालात के बीच यात्रियों ने रेलवे से मांग की है कि ट्रेनों की सही जानकारी समय पर दी जाए और देरी को कम करने के लिए प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।





