दीपक बैज का सरकार पर हमला: “नक्सली सरेंडर कांग्रेस की नीतियों का नतीजा, BJP सिर्फ प्रचार कर रही है”

रायपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने बस्तर में हुए देश के सबसे बड़े नक्सली आत्मसमर्पण पर राज्य सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल सरेंडर कार्यक्रम का आयोजन किया, लेकिन वास्तव में यह कांग्रेस सरकार की नीतियों का असर है।
बैज ने कहा, “कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बस्तर में शांति और विकास का माहौल बना था। हमने दुर्गम इलाकों तक सड़कें, बिजली और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाईं। 2023 तक नक्सलवाद सिर्फ 40 किमी के दायरे तक सिमट गया था। अब बीजेपी बताए कि उसने बस्तर में क्या विकास किया, जिससे नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं?”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या आत्मसमर्पण करने वाले सभी लोग वास्तव में नक्सली हैं? उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा है दो हजार से अधिक नक्सलियों ने समर्पण किया, लेकिन इनका प्रोफाइल अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
आबकारी सचिव पर निशाना
बैज ने आबकारी सचिव आर. संगीता की बार और क्लब संचालकों के साथ हुई बैठक पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “सरकार अब शराब की बिक्री बढ़ाने की ब्रांडिंग कर रही है। जब बीजेपी विपक्ष में थी तब शराब नीति पर झूठा प्रचार करती थी, और अब खुद 1400 शराब काउंटर खोल दिए हैं। सरकार शराब की काली कमाई में डूबी है और अपनी जेब भरने का काम कर रही है।”
बिहार चुनाव पर तंज
बिहार चुनाव में बीजेपी के स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का नाम न होने पर बैज ने व्यंग्य करते हुए कहा, “साय जी ने अपनी एक अटैची बिहार में छोड़ दी है, लेकिन स्टार प्रचारकों की लिस्ट में उनका नाम नहीं है। हम बीजेपी हाईकमान से निवेदन करेंगे कि सीएम का नाम जोड़ दें।”
गुजरात पर टिप्पणी
गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिमंडल के 16 मंत्रियों के इस्तीफे पर बैज ने कहा, “गुजरात में रात को इस्तीफा होता है और सुबह शपथ। वहां भ्रष्टाचार चरम पर है। अब शायद बीजेपी कम लूट करने वालों को मंत्री बनाए। छत्तीसगढ़ में भी मंत्रिमंडल में बदलाव की जरूरत है।”
दीपक बैज के इन बयानों से राज्य की सियासत में एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी के बीच तीखी बयानबाजी तेज हो गई है।





