लोकसभा में घुसपैठ पर गरमाई बहस, अमित शाह ने ममता सरकार पर साधा निशाना

नई दिल्ली: लोकसभा में अप्रवासन विधेयक पर बहस के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठ और रोहिंग्या की एंट्री को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल सरकार सीमा पर बाड़ लगाने में सहयोग नहीं कर रही और घुसपैठियों को नागरिकता दिलाने में मदद कर रही है।
गुरुवार को लोकसभा में अप्रवासन और विदेशी विधेयक पारित हो गया। बहस के दौरान अमित शाह ने कहा कि अक्सर सवाल किया जाता है कि बीएसएफ (BSF) बांग्लादेशी घुसपैठ को रोकने के लिए क्या कर रही है। इस पर उन्होंने बताया कि भारत और बांग्लादेश की कुल सीमा 2216 किलोमीटर है, जिसमें से 1653 किलोमीटर पर बाड़ लग चुकी है। लेकिन अभी भी 563 किलोमीटर सीमा खुली हुई है, जिसमें से 112 किलोमीटर पर नदी और पहाड़ होने की वजह से बाड़ लगाना संभव नहीं है।
बंगाल सरकार पर गंभीर आरोप
अमित शाह ने पश्चिम बंगाल सरकार पर 450 किलोमीटर सीमा पर बाड़ लगाने में सहयोग न करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने बंगाल सरकार को 10 बार पत्र लिखकर याद दिलाया, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया। गृह सचिव ने इस मुद्दे पर बंगाल सरकार के अधिकारियों के साथ सात बैठकें भी कीं, लेकिन कोई हल नहीं निकला।
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि जब सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू होता है, तो तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता प्रदर्शन और नारेबाजी करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल सरकार की नरमी के कारण ही घुसपैठ हो रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या को आधार कार्ड और वोटर कार्ड कौन दे रहा है?
सीएए पर दिया बड़ा बयान
अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पर भी बात करते हुए कहा कि भारत विभाजन के समय गांधीजी, नेताजी और सरदार पटेल ने वादा किया था कि जो लोग धार्मिक कारणों से भारत आना चाहते हैं, उन्हें शरण दी जाएगी। लेकिन कांग्रेस इस वादे को भूल गई। उन्होंने साफ कहा कि जो धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हैं, वे शरणार्थी हैं, लेकिन जो घुसपैठ के इरादे से आए हैं, उन्हें हर हाल में रोका जाएगा।
रोहिंग्या को लेकर क्या बोले शाह?
गृह मंत्री ने कहा कि रोहिंग्या शरणार्थी दिल्ली तक पहुंच चुके हैं और इसका बड़ा कारण बंगाल सरकार है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में बड़ी संख्या में रोहिंग्या को नागरिकता दी गई है और वे बनावटी वोटर कार्ड और आधार कार्ड के सहारे देश में कहीं भी बस रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर बंगाल सरकार ऐसा करना बंद कर दे, तो देश में अवैध घुसपैठ पर रोक लगाई जा सकती है।
2026 तक होगा सख्त एक्शन
अमित शाह ने जोर देकर कहा कि 2026 तक घुसपैठियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अब 450 किलोमीटर खुली सीमा से घुसपैठ नहीं होने दी जाएगी और जो अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्री के इस बयान से साफ है कि केंद्र सरकार बांग्लादेशी घुसपैठ और रोहिंग्या शरणार्थियों को लेकर सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। वहीं, बंगाल सरकार पर लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है।





