‘यूपीए के आर्थिक कुप्रबंधन से टूटती थीं डील, अब आत्मविश्वास से भरा है भारत’; ट्रेड डील पर बोले पीएम

दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालिया व्यापार समझौतों को भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धी घरेलू उद्योग का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि आज भारत खुले विचारों और मजबूत आर्थिक आधार के साथ वैश्विक व्यापार वार्ताओं में सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जबकि एक दशक पहले स्थिति बिल्कुल अलग थी।
पूर्ववर्ती United Progressive Alliance (यूपीए) सरकार पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि उसके आर्थिक कुप्रबंधन के कारण भारत व्यापार वार्ताओं में मजबूती से अपना पक्ष नहीं रख सका। बातचीत शुरू तो होती थी, लेकिन अनिश्चितता और अस्थिर नीतियों के कारण कोई भी समझौता अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाता था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सत्ता में आने के बाद उनकी सरकार ने नीति-आधारित शासन, आर्थिक सुधारों और स्थिरता पर जोर दिया। इससे निवेश का माहौल मजबूत हुआ और भारत वैश्विक व्यापार साझेदारों के लिए भरोसेमंद देश के रूप में उभरा। उन्होंने बताया कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और अन्य देशों के साथ हुए व्यापार समझौतों के जरिए एमएसएमई और श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए नए निर्यात अवसर खोले हैं, जहां कई उत्पादों पर शुल्क लगभग शून्य या बेहद कम है।
मोदी ने कहा कि आज भारत के 38 साझीदार देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते हैं, जो देश के व्यापारिक इतिहास का बड़ा मील का पत्थर है। उन्होंने इसे आत्मविश्वासी और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का संकेत बताया।
प्रधानमंत्री ने अगले तीन दशकों के लिए अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में निरंतर ढांचागत सुधार, नवाचार को बढ़ावा और शासन को आसान बनाना शामिल बताया। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा और एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।





