हाईवे पर स्टंटबाजी का खतरा, फेयरवेल में छात्रों के खतरनाक वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ में छात्रों द्वारा चलती गाड़ियों से खतरनाक स्टंट करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए नए वीडियो में छात्र कार की खिड़कियों से बाहर लटकते, बोनट पर बैठते और हूटर बजाते हुए हाईवे पर दौड़ते नजर आ रहे हैं। इन घटनाओं ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है।
पहला मामला सूरजपुर जिले का है, जहां फेयरवेल पार्टी में शामिल होने जा रहे डीएवी पब्लिक स्कूल के छात्र नेशनल हाईवे पर पांच गाड़ियों में सवार होकर स्टंट करते हुए निकले। छात्र गाड़ियों से बाहर लटककर हूटर बजाते रहे और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी पांच वाहनों को जब्त कर लिया।
दूसरा मामला जांजगीर-चांपा जिले के जीएलडी स्कूल से जुड़ा है। यहां फेयरवेल के दौरान छात्र कार की खिड़कियों से बाहर निकलते और कुछ छात्र बोनट पर बैठकर स्कूल में प्रवेश करते नजर आए। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने वाहन चालकों की पहचान कर मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान काटा और सभी को चेतावनी दी।
तीसरा मामला धरसींवा क्षेत्र के स्वामी आत्मानंद स्कूल का है, जहां छात्र कार की खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर जश्न मनाते दिखाई दिए। कुछ छात्र चलती गाड़ी में खड़े होकर हाथ लहराते और डांस करते नजर आए। स्थानीय लोगों ने इस मामले में जांच और कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के अनुसार, इन स्टंट में इस्तेमाल की गई कई गाड़ियां छात्रों के परिजनों की थीं और इन्हें छात्र स्वयं चला रहे थे। नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए पुलिस ने वाहनों को जब्त किया और वाहन मालिकों को थाने बुलाकर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।
बताया जा रहा है कि रील्स और सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में युवा अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। इससे पहले भी सड़कों पर केक काटने, तलवार लहराने और बाइक स्टंट करने के वीडियो सामने आ चुके हैं, जिन पर हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई थी।
हाईकोर्ट की चेतावनी के बावजूद स्टंटबाजी की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में और सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और इस तरह की खतरनाक गतिविधियों से दूर रहें, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।





