राजस्थान से साइबर ठगी के 15 करोड़ रुपए पाकिस्तान ट्रांसफर, असम STF ने डीग से आरोपी दबोचा

दिल्ली। राजस्थान के डीग क्षेत्र से साइबर ठगी के जरिए इकट्ठा किए गए 15 करोड़ रुपए पाकिस्तान ट्रांसफर करने के मामले ने राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। असम स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शुक्रवार रात डीग के सीकरी इलाके से एक आरोपी सद्दीक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से मिली सिम कुछ समय तक पाकिस्तान में सक्रिय रही थी। जांच में खुलासा हुआ कि इस सिम को फर्जी पते पर कश्मीर से खरीदा गया और इसका उपयोग बड़े साइबर ठगी नेटवर्क में किया गया।
सिक्योरिटी एजेंसियों को आशंका है कि ठगी से जुटाया गया यह पैसा देशविरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल हो सकता है। आरोपी से बरामद एक मोबाइल में 15 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं। फिलहाल STF मामले की गंभीरता को देखते हुए सीमित जानकारी ही साझा कर रही है। असम STF को 25 मार्च 2025 को इनपुट मिला था, जिसके बाद साइबर सिम रैकेट से जुड़े जकरिया अहमद नाम के शख्स को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने हजारों फर्जी सिम बेचने की बात कबूल की। उन्हीं में से एक सिम सद्दीक के पास डीग में सक्रिय पाई गई। इससे पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।
राजस्थान के भरतपुर, अलवर और भिवाड़ी क्षेत्र साइबर ठगी के लिए कुख्यात हैं। यहां के 150 गांवों में हजारों युवा इस अपराध में संलिप्त हैं। OLX जैसे प्लेटफॉर्म से लेकर बैंक कर्मचारी बनकर लोगों को ठगने तक के कई तरीके अपनाए जाते हैं। यहां साइबर ठग प्रतिदिन 3 हजार रुपए तक कमाते हैं और फर्जी दस्तावेजों के कारण इनका पता लगाना मुश्किल हो जाता है। आशंका जताई जा रही है कि इन इलाकों से देशभर में फैल रहे इस नेटवर्क का पाकिस्तान से सीधा कनेक्शन है। अब एजेंसियां पूरे मामले की तह तक जाने और अन्य जगहों पर भी छापेमारी की तैयारी में हैं।





