इंदौर में जाली नोट मामले का खुलासा, वेब सीरीज से प्रेरित होकर छात्रों ने घर में छापे नकली नोट

इंदौर में जाली नोट चलाने वाले गिरोह के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस द्वारा गिरोह के पांचवें सदस्य को पकड़े जाने के बाद यह खुलासा हुआ कि आरोपी छात्र जाली नोट बाहर से खरीद नहीं रहे थे, बल्कि खुद ही उन्हें छाप रहे थे। आरोपियों ने एक वेब सीरीज देखकर नकली नोट छापने का तरीका सीखा और अपने घर को मिनी प्रिंटिंग प्रेस में तब्दील कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फिल्म अभिनेता शाहिद कपूर की वेब सीरीज ‘फर्जी’ देखकर जाली नोट छापने की तकनीक सीखी थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच सौ रुपये के 45 जाली नोट, प्रिंटर और स्याही बरामद की है। पकड़ा गया एक आरोपी अंकित लोको पायलट की तैयारी कर रहा था।
इस मामले में पहले चार आरोपियों को पकड़ा गया था, जिनके पास से करीब दो लाख रुपये के जाली नोट मिले थे। पूछताछ में उन्होंने बताया था कि इंस्टाग्राम के जरिए जाली नोटों की डील की गई थी। सोशल मीडिया पर चैटिंग के बाद सौदा तय हुआ और नोटों की डिलीवरी की गई।
आगे की जांच में पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि उसी ने जाली नोट छापने की पूरी योजना बनाई थी। आरोपी ने अपने दोस्तों को जल्दी पैसा कमाने का लालच दिया और सस्ते दामों पर जाली नोट बाजार में चलाने की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने खुद ही जाली नोट छापे और फिर उन्हें बाजार में खपाने की योजना बनाई। फिलहाल पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि जाली नोट कहां-कहां चलाए गए हैं। मामले की जांच जारी है।





