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पुलिस की सह पर बेलतरा में धर्मांतरण, वीडियो दिखाकर किया जा रहा कन्वर्सन; हिंदू संगठनों ने लगाया आरोप

बेलतरा। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में धर्मांतरण का एक नया विवाद खड़ा हो गया है। जशपुर में हुए बड़े धर्मांतरण के खुलासे के बाद अब बेलतरा में भी यह मुद्दा गर्माया हुआ है। ग्राम रामतला में हिंदू संगठनों का आरोप है कि यहां गुप्त रूप से धर्मांतरण कराया जा रहा है। जब संगठन के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया, तो पुलिस ने उन पर बर्बर कार्रवाई की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस और संगठन कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हो गई।

बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में कुछ समय पहले “श्री दिलीप सिंह जूदेव के पदचिन्हों पर चलने” के पोस्टर लगाए गए थे, लेकिन इस घटना ने इसे पूरी तरह गलत साबित कर दिया। हिंदू संगठनों का आरोप है कि पुलिस ने उनका साथ देने के बजाय उन्हें दबाने की कोशिश की। वहीं, कोनी थाना प्रभारी नवीन देवांगन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। जब एक पत्रकार घटना को रिपोर्ट करने आया, तो थाना प्रभारी ने न सिर्फ उसे रोका, बल्कि बदतमीजी भी की।

एनम चर्च में आयोजित सभा पर उठे सवाल

रविवार को बिलासपुर के कोनी थाना क्षेत्र में एनम चर्च में एक सभा का आयोजन किया गया, जिसे हिंदू संगठनों ने धर्मांतरण से जोड़ते हुए विरोध किया। आरोप है कि इस सभा में वीडियो दिखाकर धर्म परिवर्तन की कोशिश की जा रही थी और लोगों को आकर्षित करने के लिए बड़े पैमाने पर भोजन का आयोजन किया गया था। जब हिंदू संगठनों ने इसका विरोध किया, तो पुलिस ने सभा को बंद करने के बजाय उन पर कार्रवाई की।

बिना अनुमति सभा पर कार्रवाई नहीं होने से उठे सवाल

हिंदू संगठन के नेताओं का कहना है, कि प्रशासन इन घटनाओं को रोकने की बजाय इन्हें बढ़ावा दे रहा है? अगर यह सभा वैध थी, तो आयोजकों के पास अनुमति के दस्तावेज क्यों नहीं थे? और अगर यह अवैध थी, तो फिर पुलिस ने इसे रोकने के बजाय विरोध कर रहे लोगों पर क्यों कार्रवाई की?  जशपुर के बाद अब बेलतरा में धर्मांतरण का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष रूप से काम कर रहा है, या फिर कोई सुनियोजित साजिश चल रही है? क्या बेलतरा भी जशपुर की राह पर बढ़ रहा है?

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