बिहार में 703 नए पुलों का निर्माण शुरू, 14 जिलों में खर्च होंगे 3688 करोड़ रुपये

पटना। बिहार सरकार ने ग्रामीण स्तर पर बुनियादी ढांचा मजबूत करने और गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 703 नए पुलों की मंजूरी दी गई है और 15 सितंबर से इनका निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इस योजना पर कुल 3688 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
इस योजना का उद्देश्य उन ग्रामीण इलाकों में निर्बाध सड़क संपर्क स्थापित करना है, जहां बरसात, बाढ़ या पुराने जर्जर पुलों के कारण आवागमन बाधित रहता है। पुराने और कमजोर पुलों की जगह नए और मजबूत पुल बनाए जाएंगे। साथ ही, जिन मार्गों पर पुल नहीं होने के कारण रास्ते अधूरे पड़े हैं, वहां भी नए पुलों का निर्माण किया जाएगा।
बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से क्षतिग्रस्त पुलों को भी फिर से खड़ा किया जाएगा। कई जगह पहले से बने पुलों के पहुंच पथ (एप्रोच रोड) का निर्माण नहीं हो सका था। अब इस योजना के तहत उन अधूरे पुलों का निर्माण भी पूरा किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में कोई परेशानी न हो। मुख्यमंत्री कार्यक्रम में जनता से प्राप्त प्रस्ताव और सार्वजनिक घोषणाओं को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
14 जिलों में निर्माण कार्य हो रहा है। सबसे अधिक 56 पुल पूर्वी चंपारण में बनेंगे। दरभंगा में 38, गया, सिवान और सीतामढ़ी में 30-30, सारण और वैशाली में 28-28, भागलपुर और गोपालगंज में 27-27, रोहतास और शेखपुरा में 26-26, नालंदा में 24, बेगूसराय में 20 और पटना में कुल 18 पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बेहतर होगा, स्थानीय लोगों को यात्रा में सुविधा मिलेगी और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।





