लखनऊ में ज्योतिबा फुले जयंती पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, भूपेश बघेल ने SIR पर उठाए सवाल

लखनऊ में ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के मौके पर कांग्रेस ने बड़ा आयोजन किया, जिसमें कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी पहुंचे और उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।

भूपेश बघेल ने SIR प्रक्रिया को लेकर कहा कि इससे न तो मुख्यमंत्री योगी संतुष्ट हैं और न ही विपक्ष के नेता अखिलेश यादव। उन्होंने कहा कि जब सरकार में बैठे लोग ही इस प्रक्रिया से खुश नहीं हैं, तो इसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने ज्योतिबा फुले के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सामाजिक शोषण के खिलाफ संघर्ष किया और महिलाओं की शिक्षा की नींव रखी। फुले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई को शिक्षित कर देश की पहली महिला शिक्षिका बनाया और 1848 में पहला महिला विद्यालय शुरू किया।

कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने जाति जनगणना को वैज्ञानिक तरीके से कराने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि आज देश में जातिगत जनगणना एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है और इसे सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि ज्योतिबा फुले की विचारधारा आज भी प्रासंगिक है और समाज में समानता और शिक्षा के अधिकार के लिए उनके विचारों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

कार्यक्रम के दौरान कई नेताओं ने सामाजिक न्याय, शिक्षा और समानता जैसे मुद्दों पर अपने विचार रखे और लोगों से एकजुट होकर इन मूल्यों को आगे बढ़ाने की अपील की।

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