कांग्रेस जिलाध्यक्षों की रायपुर में बैठक खत्म: दिल्ली रैली और संगठन मजबूत करने की बनी रणनीति

रायपुर। राजधानी रायपुर में कांग्रेस पार्टी के नए जिलाध्यक्षों की बैठक शनिवार को संपन्न हुई। बैठक के बाद पीसीसी चीफ दीपक बैज ने बताया कि यह एक स्वागत बैठक थी, जिसमें सभी जिलाध्यक्षों का पारंपरिक गमछा पहनाकर सम्मान किया गया। इस दौरान परिचय के साथ संगठन को मजबूत करने की रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी बात हुई। बैज ने कहा कि यह आने वाले समय में बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है, इसलिए जिलाध्यक्षों की एक अलग बैठक जल्द बुलाई जाएगी।
दिल्ली रैली की तैयारी तेज
कांग्रेस की प्रस्तावित दिल्ली रैली ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ को लेकर भी रणनीति बनाई गई। दीपक बैज ने कहा कि छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे और रैली में हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सरकार के खिलाफ आक्रामक आंदोलन चलाने की तैयारी हो रही है।
जिलाध्यक्षों की 10 दिन की ट्रेनिंग जल्द
बैज ने बताया कि जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग के लिए AICC जल्द तारीख तय करेगा। यह 10 दिन की ट्रेनिंग होगी, जिसमें संगठन संचालन, राजनीतिक रणनीति, जनसंपर्क कौशल और विभिन्न मुद्दों पर पार्टी की स्थिति जैसे विषय शामिल रहेंगे।
इसके अलावा बिजली दरों, किसानों की समस्याओं, जमीन के गाइडलाइन रेट और मनरेगा जैसे मुद्दों को लेकर बड़े राज्यव्यापी आंदोलन की भी तैयारी की जा रही है।
जीवन ठाकुर की मौत पर चिंता
बैठक में सर्व आदिवासी समाज के जिलाध्यक्ष रहे जीवन ठाकुर की मौत का मुद्दा भी उठाया गया। दीपक बैज ने आरोप लगाया कि जेल में समय पर खाना और दवाई नहीं मिलने से ठाकुर की मौत हुई। इस घटना के बाद आदिवासी समाज ने चक्काजाम कर विरोध जताया, जिसके बाद मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं।
बैज ने चेतावनी दी कि यदि तहसीलदार और जेल अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो समाज बड़ा आंदोलन कर सकता है। कांग्रेस अपनी अलग जांच समिति बनाकर आगे की रणनीति तय करेगी।





