रायपुर में दीपावली से पहले सफाई व्यवस्था ध्वस्त, रामकी कंपनी के कर्मचारी वेतन वृद्धि को लेकर हड़ताल पर

रायपुर में दीपावली जैसे बड़े त्योहार से ठीक पहले सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। शहर के घर-घर से कचरा कलेक्शन करने वाली निजी कंपनी रामकी एनवायरो इंजीनियर्स लिमिटेड के करीब 850 कर्मचारी बुधवार रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों से वेतन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है।
शहर के दलदल सिवनी स्थित कचरा डंपिंग यार्ड के बाहर सैकड़ों कर्मचारी धरने पर बैठे हैं और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उनकी वेतन वृद्धि की मांग को लिखित में स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक वे काम पर नहीं लौटेंगे।
इस हड़ताल से रायपुर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मोहल्लों और कॉलोनियों में कचरे के ढेर लगने लगे हैं, जिससे लोगों को दुर्गंध और मच्छरों की परेशानी झेलनी पड़ रही है। त्योहार के माहौल में यह स्थिति लोगों के लिए बड़ी असुविधा का कारण बन गई है।
रामकी कंपनी के कर्मचारी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, सड़क सफाई और ट्रांसपोर्टेशन का काम देखते हैं। उनके काम बंद करने से नगर निगम की पूरी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई है।
नगर निगम प्रशासन और रामकी कंपनी के अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। निगम अधिकारियों ने इसे कंपनी का आंतरिक मामला बताते हुए जल्द समाधान की उम्मीद जताई है।
वहीं, प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे अब पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। उनका कहना है कि “महंगाई बढ़ रही है, पर हमारी तनख्वाह वही है। त्योहार के वक्त हमें अपने परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है।”
शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही बातचीत से समाधान निकले ताकि दीपावली के इस शुभ पर्व पर रायपुर फिर से स्वच्छ और रोशन नजर आए।





