चित्रकूट दीपावली मेला 2025: पांच दिवसीय महापर्व में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
चित्रकूट दीपावली मेला 2025

मध्य प्रदेश के चित्रकूट में 18 अक्टूबर से दीपावली मेला शुरू होने जा रहा है, जो 22 अक्टूबर तक चलेगा। इस पांच दिवसीय महापर्व में करीब 40 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इस वर्ष का मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि भारतीय संस्कृति, समरसता और स्वच्छता का संदेश भी देगा।
तीर्थ क्षेत्र में उमड़ने वाले जनसैलाब को सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। कलेक्टर सतना के निर्देश पर नगर परिषद चित्रकूट ने संपूर्ण तीर्थ क्षेत्र का विस्तृत मानचित्र जारी किया है। इसमें प्रमुख स्थलों जैसे कामदगिरि परिक्रमा, रामघाट, भरतकूप, स्फटिक शिला, गुप्त गोदावरी, हनुमाधारा और सती अनुसुइया आश्रम तक पहुंचने के मार्ग, पार्किंग, पेयजल व्यवस्था, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, सुरक्षा चौकियां और कंट्रोल रूम का विवरण शामिल है।
सुरक्षा और सुविधा के लिए मेला क्षेत्र को सात जोन और 21 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और सुरक्षा व्यवस्था हेतु पुलिस, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद की टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी। रामघाट और कामदगिरि परिक्रमा मार्ग पर निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी नेटवर्क की व्यवस्था की गई है।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। नगर परिषद द्वारा ‘स्वच्छ मेला–सुरक्षित मेला’ अभियान के तहत पूरे क्षेत्र में बायोडिग्रेडेबल सामग्री, कचरा पृथक्करण, मोबाइल शौचालय और पीने के पानी की 50 अस्थायी टंकियों की व्यवस्था की गई है। स्थानीय स्वयंसेवी संगठन भी स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
दीपावली के अवसर पर मंदाकिनी तट और कामदगिरि परिक्रमा क्षेत्र में लाखों दीपों की आभा से चारों ओर जगमगाहट होगी। मेला परिसर में सांस्कृतिक संध्या, रामायण मंडलियों की प्रस्तुतियां, पारंपरिक झांकी और लोककलाओं का प्रदर्शन श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति कराएगा।
प्रशासन का उद्देश्य इस भव्य आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को सुगमता, सुरक्षा और स्वच्छता के साथ अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करना है। सभी व्यवस्थाओं और सतर्कता के साथ चित्रकूट दीपावली मेला इस वर्ष धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से एक यादगार आयोजन साबित होगा।





