महिला दिवस पर मुख्यमंत्री ने महिला पत्रकारों से की बातचीत, मां को बताया सबसे बड़ी प्रेरणा

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपने निजी जीवन और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि बचपन में ही पिता के निधन के बाद उनकी मां ने पूरे परिवार को संभाला और वही उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बनीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वे 26 वर्ष की उम्र में विधायक बने, तब उनकी पत्नी ने घर और बच्चों की जिम्मेदारी संभाली। इससे उन्हें राजनीति में पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि उनके घर में कोई भी बड़ा फैसला सभी की राय से लिया जाता है और परिवार की महिलाएं हमेशा उन्हें प्रोत्साहित करती रही हैं।
महिला सशक्तिकरण पर उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं अधिकतर घर तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं। स्व-सहायता समूहों और सरकारी योजनाओं की मदद से महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं और हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में लगभग 8 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 10 लाख तक पहुंचाने का है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में भी नक्सलवाद से प्रभावित इलाकों में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। इससे महिलाओं को रोजगार और बेहतर जीवन के अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि पहले वे घर के सभी सदस्यों के कपड़े खुद खरीदते थे, लेकिन अब व्यस्तता बढ़ने के कारण पिछले कई वर्षों से उनके ज्यादातर कपड़े उनकी पत्नी ही खरीदती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार की महिलाओं का सहयोग और प्रोत्साहन उनके जीवन में हमेशा महत्वपूर्ण रहा है।





