बिग न्यूज़: Chhattisgarh High Court ने डायरिया प्रकोप पर स्वास्थ्य सचिव से मांगा शपथपत्र
हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के खरौद क्षेत्र में दूषित पेयजल से डायरिया का प्रकोप तेजी से फैला है, जिससे अब तक 20 से अधिक लोग बीमार हो चुके हैं और क्षेत्र में स्वास्थ्य संकट की स्थिति बन गई है। इस गंभीर मामले को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है और राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव से शपथपत्र (affidavit) सहित विस्तृत जवाब तलब किया है।
डायरिया के मामले दूषित पानी के कारण बढ़ रहे हैं, विशेषतः बरसात के मौसम में पाइपलाइन लीकेज या जलस्रोत की सफाई न होने के कारण जल जनित संक्रमण फैल रहा है।
affected क्षेत्र खरौद के तिवारी पारा आदि में अचानक बीमार लोगों की संख्या बढ़ने से हड़कंप मचा है।
हाईकोर्ट ने प्रशासनिक लापरवाही पर नाराजगी जताई है और स्वास्थ्य विभाग से पूछा है कि स्थिति की रोकथाम के लिए अभी तक कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं।
कोर्ट के आदेश पर स्वास्थ्य सचिव को न्यायालय में शपथपत्र देकर स्पष्ट करना होगा कि पीड़ितों के इलाज, शुद्ध पानी की व्यवस्था, और भविष्य में संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने क्या ठोस कार्यवाही की है।
अतिरिक्त जानकारी:
कुछ अन्य जिलों (जैसे बालोद) में भी पाइपलाइन लीकेज या दूषित जल आपूर्ति के चलते डायरिया फैलने की घटनाएं हाल में सामने आई हैं, जिनमें त्वरित चिकित्सा शिविर तथा वैकल्पिक शुद्ध पानी व्यवस्था किए जा रहे हैं।
मरने वालों की पुष्टि या कारण पर प्रशासन ने कई बार स्पष्ट किया है कि मौतें हमेशा डायरिया से नहीं, बल्कि अन्य बीमारियों से भी हो सकती हैं।
अब तक किसी बड़े जनहानि की रिपोर्ट नहीं आई है, परंतु प्रभावित क्षेत्र में भय और चिंता बनी हुई है, और न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक उत्तरदायित्व एवं स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों की निगरानी तेज हो गई है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से शपथपत्र द्वारा जवाब मांगकर यह स्पष्ट कर दिया है कि दूषित पानी से जनस्वास्थ्य पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा, और यदि लापरवाही मिली तो कड़ी कार्रवाई संभव है।





