छत्तीसगढ़ कांस्टेबल भर्ती पर हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: 6 हजार पदों पर रोक, अगली सुनवाई तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं होंगे

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। वर्ष 2023 में जारी विज्ञापन के तहत करीब 6,000 कांस्टेबल पदों पर चल रही भर्ती को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक किसी भी प्रकार के नियुक्ति पत्र जारी करने पर रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू की एकलपीठ में हुई।
यह याचिका सक्ती, बिलासपुर, रायगढ़ और मुंगेली के रहने वाले कई अभ्यर्थियों ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) में गंभीर अनियमितताएं हुईं। फिजिकल टेस्ट के दौरान डेटा रिकॉर्डिंग का काम शासन ने आउटसोर्स के जरिए टाइम्स टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा था। आरोप है कि कंपनी ने निष्पक्षता से काम नहीं किया और कुछ अभ्यर्थियों को पैसों के लेन-देन के जरिए अनुचित लाभ दिया गया।
कोर्ट में यह भी बताया गया कि शासन की जांच रिपोर्ट में स्वयं पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर ने कई गड़बड़ियों और गलत डेटा एंट्री की बात स्वीकार की है। साथ ही आरोप है कि फिजिकल टेस्ट से जुड़ी सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट कर दी गई।
अधिवक्ता ने दलील दी कि जांच में 129 अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ मिलने के संकेत हैं। नियम 2007 के तहत यदि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता साबित होती है तो पूरी प्रक्रिया निरस्त कर नई भर्ती कराई जानी चाहिए।
हाईकोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई तक कोई नियुक्ति आदेश जारी न किया जाए और जवाब प्रस्तुत किया जाए।





