छत्तीसगढ़: पूर्व CM बघेल के घर ED की रेड, टीम पर हमला, FIR दर्ज कराएगी एजेंसी

छत्तीसगढ़ में कथित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उनके बेटे चैतन्य बघेल और अन्य के परिसरों पर छापेमारी की। इस दौरान भिलाई स्थित बघेल के घर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। रेड के बाद जब ED की टीम बाहर निकली, तो उनकी गाड़ी पर हमला हुआ। ED ने इस हमले के खिलाफ FIR दर्ज कराने की बात कही है।
11 घंटे की रेड, 33 लाख कैश बरामद
सूत्रों के मुताबिक, ED की छापेमारी में बघेल के घर से 33 लाख रुपये नकद, पेन ड्राइव और कुछ दस्तावेज बरामद हुए हैं। जांच एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई शराब घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में की गई। ED के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच हुए इस घोटाले में राज्य के राजस्व को 2,100 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ।
बघेल ने कहा- “मैं मौत से नहीं डरता“
छापेमारी के बाद भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं ना चुनाव लड़ने से डरता हूं, ना ही मौत से।” उन्होंने इस कार्रवाई को बदले की राजनीति बताया। वहीं, कांग्रेस ने इसे केंद्र सरकार की साजिश करार दिया।
चैतन्य बघेल के परिसरों पर भी कार्रवाई
ED ने बघेल के बेटे चैतन्य बघेल और उनके करीबी लक्ष्मी नारायण बंसल उर्फ पप्पू बंसल के परिसरों पर भी छापे मारे। एजेंसी का दावा है कि चैतन्य बघेल शराब घोटाले की अवैध आय के लाभार्थी हैं। इस सिलसिले में राज्य में कुल 14-15 स्थानों पर छापेमारी की गई।
कांग्रेस ने छापेमारी की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कार्रवाई ऐसे समय की गई जब संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है। पार्टी का आरोप है कि सरकार विपक्ष के सवालों से बचने के लिए ऐसी कार्रवाई कर रही है।
ED की जांच जारी
अब तक ED इस मामले में 205 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि आगे भी जांच जारी रहेगी और इस मामले में शामिल सभी लोगों पर कार्रवाई होगी।





