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Chhattisgarh education system : वायरल वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को किया उजागर, देखें ये खास रिपोर्ट

Chhattisgarh education system : मुख्यमंत्री का नाम नहीं बता पाए प्रधानाध्यापक और शिक्षक - वायरल वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था की गंभीर स्थिति को किया उजागर

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से हाल ही में (Chhattisgarh education system)सामने आया एक वीडियो न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। इस वीडियो में एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक और दो शिक्षक सामान्य ज्ञान के बेहद आसान सवालों के जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

बलरामपुर जिले के कुसमी ब्लॉक स्थित घोड़ासोत गाँव के प्राथमिक विद्यालय का यह वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। यहाँ पदस्थ प्रधानाध्यापक ज़खरियास केरकेट्टा और दो अन्य शिक्षक “ग्यारह”, “अठारह”, “उन्नीस” जैसे आसान अंग्रेजी शब्दों की स्पेलिंग भी नहीं बता पाए। जब उनसे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और भारत के राष्ट्रपति का नाम पूछा गया, तो सभी अवाक रह गए।

विडंबना यह है कि यह शिक्षक 5 साल से स्कूल में तैनात है और 60 से ज़्यादा बच्चों की शिक्षा की ज़िम्मेदारी उसके कंधों पर है।

कलेक्टर, डीईओ और शिक्षा मंत्री का नाम भूल गए

वीडियो में सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि प्रधानाध्यापक, जो खुद बलरामपुर ज़िले के निवासी हैं, ज़िले के कलेक्टर, एसपी और ज़िला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) का नाम तक नहीं बता पाए। उन्होंने कहा कि “मैं नाम भूल गया हूँ”। इसके अलावा, वे छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री का नाम भी नहीं बता पाए। (Chhattisgarh education system)

जब शिक्षक ही अज्ञानी हैं, तो बच्चों से क्या उम्मीद की जा सकती है?

जब छात्रों से पूछा गया कि राज्य का मुख्यमंत्री कौन है, तो वे भी जवाब नहीं दे पाए। इससे यह सवाल उठता है कि अगर शिक्षक ही सामान्य ज्ञान से वंचित रहेंगे, तो बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता कैसी होगी? एक शिक्षक ने तो यह कहकर ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि “मैं सामान्य ज्ञान की किताब खरीदकर उन्हें पढ़ा दूँगा।”

सरकारी वेतन, पर ज़िम्मेदारी नहीं

और भी चिंताजनक बात यह है कि ये शिक्षक छत्तीसगढ़ सरकार से पूरा वेतन और भत्ते ले रहे हैं। सहायक ग्रेड-1 शिक्षक का वेतन ₹9300 से ₹34,800 तक होता है, साथ ही ₹4200 या ₹4800 ग्रेड पे, महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ता भी मिलता है। इसके बावजूद, जब शिक्षकों को बुनियादी ज्ञान भी नहीं है, तो यह व्यवस्था के लिए शर्म की बात है।

 

डीईओ ने दिए जांच के आदेश

इस वायरल वीडियो के बाद, बलरामपुर के डीईओ डीएन मिश्रा ने जांच के आदेश दिए हैं। हालाँकि, जब बच्चों की पढ़ाई की स्थिति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।

जिले की समस्या उजागर (Chhattisgarh education system)

यह घटना न केवल एक स्कूल या जिले की समस्या को उजागर करती है, बल्कि पूरे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही और असंतुलन को भी उजागर करती है। यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या योग्य शिक्षक बेरोजगारी और अनियमितताओं से जूझते रहेंगे और अयोग्य लोग बच्चों का भविष्य बर्बाद करते रहेंगे?

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