बजट 2026 पर मिली-जुली प्रतिक्रिया: चेंबर ने बताया ‘विकसित छत्तीसगढ़’ का रोडमैप, विशेषज्ञों ने उठाए संतुलन और कर्मचारियों के मुद्दे

रायपुर। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का स्वागत करते हुए इसे राज्य की 3 करोड़ जनता, विशेषकर उद्योग एवं व्यापार जगत की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। उन्होंने कहा कि ₹1.72 लाख करोड़ का यह संतुलित और दूरदर्शी बजट “संकल्प” की भावना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का सशक्त रोडमैप है।

प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत बजट का स्वागत करते हुए थौरानी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि यह बजट सुशासन, पारदर्शिता, निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक विकास के जरिए राज्य को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाएगा। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ विजन से प्रेरित बताया गया।

उद्योग और निवेश को बढ़ावा

थौरानी ने कहा कि बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स को नया भवन देने का निर्णय व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती देगा। राज्य में 23 नए औद्योगिक पार्कों की स्थापना के लिए ₹250 करोड़ का प्रावधान निवेश, उत्पादन और रोजगार सृजन को गति देगा।

उद्योगों का बजट 248 करोड़ से बढ़ाकर 775 करोड़ (लगभग तीन गुना वृद्धि) करना सरकार की औद्योगिक विकास के प्रति गंभीरता को दर्शाता है। व्यापारिक अधोसंरचना और औद्योगिक विकास से प्रदेश में निवेश का बेहतर माहौल बनेगा।

विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

सीए चेतन तारवानी ने बजट को “अंतिम व्यक्ति के हित को प्राथमिकता देने वाला” बताया, लेकिन कर्ज और खर्च में संतुलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कर्ज बुनियादी ढांचे में निवेश हो रहा है तो यह सकारात्मक है, लेकिन भविष्य में कर्ज बढ़ने से टैक्स बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने किसानों के लिए बीमा योजना का स्वागत करते हुए व्यापारियों के लिए भी बीमा सुविधा की मांग की।

महिला सशक्तिकरण पर जोर

भारतीय स्त्री शक्ति संगठन ने बजट में महिलाओं के लिए की गई घोषणाओं का स्वागत किया। संगठन की प्रदेश सचिव भारवि वैष्णव ने ‘महतारी सदन’ और ‘रानी दुर्गावती योजना’ को महिला सशक्तिकरण की दिशा में गेम चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि ये पहल प्रदेश की महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ेंगी।

NHM कर्मियों की नाराजगी

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरि ने बजट की थीम को सकारात्मक बताया, लेकिन संविदा कर्मचारियों के लिए किसी ठोस घोषणा के अभाव पर निराशा जताई। प्रांतीय पदाधिकारियों ने कहा कि उन्हें नियमितीकरण, वेतन सुधार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े निर्णयों की उम्मीद थी।

कुल मिलाकर, यह बजट उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन और सेवा क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। जहां एक ओर व्यापारिक संगठनों ने इसे ऐतिहासिक बताया, वहीं कुछ वर्गों ने अपनी अपेक्षाएं अधूरी रहने की बात भी रखी।

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