रायपुर में आयोजित MSME Conclave 2025 में छत्तीसगढ़ के औद्योगिक भविष्य पर मंथन, नए उद्योग और निवेश पर जोर

रायपुर। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) की ओर से आयोजित दो दिवसीय MSME Conclave 2025 के दूसरे दिन उद्योग जगत, MSME प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा की। यह कार्यक्रम रायपुर के विमतारा हॉल में हुआ, जहां मुख्य अतिथि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन मौजूद रहे।
इस मौके पर भारत सरकार की MSME डायरेक्टर अंकिता पाण्डेय, CII चेयरमैन संजय जैन, सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल सहित कई विशेषज्ञ और MSME उद्यमी शामिल हुए। बैठक में बेहतर व्यवसाय, नई तकनीक और संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे मुद्दों पर विस्तार से बात हुई।
मंत्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना और MSME सेक्टर को मजबूत बनाना है। प्रदेश में अब तक 1,800 छोटे और मध्यम उद्योग स्थापित हो चुके हैं, जिनसे 35,000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को करीब पौने 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और अन्य राज्यों के निवेशक भी प्रदेश में रुचि दिखा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि लोग कम निवेश में ज्यादा उत्पादन करना सीखें, ताकि स्थानीय उत्पाद विदेशों तक पहुंचे।
CII चेयरमैन संजय जैन ने बताया कि MSME सेक्टर को नई नीतियों और तकनीकों की जानकारी देने के लिए ऐसे कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। इस कॉन्क्लेव में लगभग 150 प्रतिभागियों को 5S जापानी ट्रेनिंग दी गई, जिसमें नए बाजार खोजने, निवेश की दिशा तय करने और कम लागत में अधिक उत्पादन के तरीके समझाए गए।
उन्होंने कहा कि CII सरकार और व्यापारियों के बीच पुल की तरह काम करता है, ताकि MSME सेक्टर को योजनाओं और नीतियों की जानकारी आसानी से मिले। भारत के GDP में 30% योगदान MSME सेक्टर का है, इसलिए यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है।
संजय जैन ने यह भी बताया कि समुद्र से दूर होने की वजह से छत्तीसगढ़ को एक्सपोर्ट में चुनौतियां मिलती हैं, लेकिन सरकार ट्रांसपोर्ट सब्सिडी जैसी सुविधाएं देकर इन दिक्कतों को कम कर रही है। CII ने भी इस दिशा में कई सुझाव दिए हैं।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ के MSME उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में मदद करना है।






