छत्तीसगढ़ जैव विविधता बोर्ड(CGSBB) ने जारी की 10 से अधिक महत्वपूर्ण पुस्तकें, पर्यावरण संरक्षण और शोध को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड (CGSBB) ने पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने और पारंपरिक ज्ञान को संरक्षित करने के उद्देश्य से जैव विविधता से जुड़े 10 से अधिक महत्वपूर्ण पुस्तकों का प्रकाशन किया है। यह पहल राज्य में पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
इन पुस्तकों में पक्षियों, तितलियों, कीटों, सरीसृपों, मछलियों, धान की प्रजातियों, मृदा जैव विविधता सहित कई प्राकृतिक संसाधनों का विस्तृत विवरण शामिल है। साथ ही राज्य की पारंपरिक पारिस्थितिकीय ज्ञान प्रणाली और वन आचार-संहिता का भी दस्तावेजीकरण किया गया है।
प्रमुख पुस्तकों में-
वर्टिब्रेट्स ट्रेज़र ऑफ छत्तीसगढ़,
स्नेक्स एंड अदर रैपटाइल्स ऑफ छत्तीसगढ़,
बर्ड्स ऑफ छत्तीसगढ़,
फ्लोरा बायोडायवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़,
इंसेक्ट बायोडायवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़,
बायोडायवर्सिटी इन छत्तीसगढ़ सॉइल्स,
बायोडायवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़ : ए चेकलिस्ट,
कांगेर वैली नेशनल पार्क – Vol I & II,
वन्यजीव अपराध एवं अभियोजन – Vol I & II,
एथनोबॉटनी: ट्रेडिशनल हीलिंग प्रैक्टिसेज ऑफ बस्तर जैसी महत्वपूर्ण किताबें शामिल हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार ये पुस्तकें सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं हैं, बल्कि फील्ड गाइड के रूप में शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, वन अधिकारियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। इनके उपयोग से नए शोध कार्यों को बढ़ावा मिल रहा है और जैव विविधता संरक्षण को वैज्ञानिक आधार मिल रहा है।
इन प्रकाशनों से-
जैव विविधता संरक्षण और प्रबंधन में सहायता
वन कर्मचारियों एवं शोधार्थियों के प्रशिक्षण में उपयोग
विद्यार्थियों और आम नागरिकों में पर्यावरण साक्षरता में वृद्धि
पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण
वैज्ञानिक अनुसंधान को प्रोत्साहन जैसे कई लाभ मिल रहे हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड इन पुस्तकों के माध्यम से राज्य में जैव विविधता संरक्षण, जनजागरूकता और वैज्ञानिक शोध को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।





