गर्ल्स बाथरुम के सामने लगा CCTV, शौचालय में पढ़ने को मजबूर छात्राएं
छात्राओं के बाथरुम के पास CCTV कैमरा लगा दिया गया है। हालांकि ये सोचने वाली बात है कि आखिर छात्राओं के बाथरुम के सामने CCTV कैमरा क्यों लगाया? पढ़िए पुरी खबर...

नारायणपुर: छत्तीसगढ़ के वनांचल नारायणपुर से बेहद ही गंभीर मामला सामने आया है, जहां के एकलव्य आवासीय विद्यालय की हालत इतनी खराब है कि छात्रों को शैचालय में रहकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। और भी हैरानी की बात तो ये है कि छात्राओं के बाथरुम के पास CCTV कैमरा लगा दिया गया है। हालांकि ये सोचने वाली बात है कि आखिर छात्राओं के बाथरुम के सामने CCTV कैमरा क्यों लगाया? फिलहाल आम आदमी पार्टी की शिकायत पर प्रशासन ने संज्ञान लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार मामला नारायणपुर एकलव्य आवासीय विद्यालय का है, जहां की हालत इतनी खराब है कि छात्र अपने कमरे में नहीं बल्कि शौचालय में पढ़ने को मजबूर हैं। वहीं, छात्राओं के लिए बड़ी मुसीबत की बात ये है कि उनके बाथरुम के सामने CCTV कैमरा लगा दिया गया है। इतना ही नहीं कभी कोई जरूरत पड़ जाए तो छात्र-छात्राओं को हॉस्टल से निकलने भी नहीं दिया जाता है।
एकलव्य स्कूल जिन्हें एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल्स भी कहते हैं की स्थापना साल 1997-98 में की गई थी। ये स्कूल खासतौर पर शेड्यूल ट्राइब छात्रों के लिए बनाए जाते हैं ताकि उन्हें पढ़ाई के बेहतर अवसर प्रदान किए जा सकें। ये स्कूल केवल एजुकेशन पर नहीं बल्कि ओवर-ऑल डेवलेपमेंट पर फोकस करते हैं। ये स्कूल राज्य सरकारों के अंडर में आते है जिन्हें इनकी स्थापना के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा फंड दिया जाता है।
एकलव्य स्कूल की क्षमता 480 स्टूडेंट्स की होती है और यहां क्लास 6 से लेकर 8 तक के छात्र पढ़ाई कर सकते हैं यानी ये स्कूल क्लास 6 से 8 तक है। इन स्कूलों की संख्या बढ़ाने के लिए ये तय किया गया था कि साल 2022 खत्म होने तक हर वो ब्लॉक जिसमें 50 प्रतिशत एसटी पॉपुलेशन है और जहां कम से कम 20 प्रतिशत ट्राइबल आबादी रहती है. वहां एक ईएमआरएस यानी एकलव्य स्कूल होगा।





