बिलासपुर में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ा, 22 हजार से ज्यादा पक्षी और 25 हजार अंडे नष्ट

बिलासपुर में बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद स्थिति गंभीर हो गई है। सरकारी पोल्ट्री फार्म में 17 मार्च से पहले ही मुर्गे-मुर्गियों की मौत शुरू हो गई थी, इसके बावजूद पूरे संभाग में उनकी सप्लाई जारी रही।
जब बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत हुई, तब कई दिन बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू की गई। अब तक 22,808 पक्षियों और 25,896 अंडों को नष्ट किया जा चुका है।
शुरुआत में करीब 100 मुर्गों की मौत को नजरअंदाज कर दिया गया था और इसे मौसम परिवर्तन का असर माना गया। बिना जांच के कई पक्षियों को दफनाया गया, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई। बाद में संक्रमण बढ़ने पर बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई।
संक्रमण रोकने के लिए एक किलोमीटर क्षेत्र को संक्रमित जोन घोषित कर पक्षियों को नष्ट किया जा रहा है, जबकि 10 किलोमीटर के दायरे में निगरानी बढ़ाई गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर सर्वे कर रही हैं और संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है।
एहतियातन कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क को सात दिनों के लिए बंद कर दिया गया है और परिसर में सैनिटाइजेशन के साथ लगातार निगरानी की जा रही है। हालांकि प्रतिबंध के बावजूद कुछ इलाकों में मुर्गों की बिक्री जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन शुरुआती लापरवाही के कारण संक्रमण के तेजी से फैलने की आशंका बनी हुई है।





