बिलासपुर डूबा अंधेरे में: 14,000 से अधिक स्ट्रीट लाइटें बंद, नया टेंडर जारी

बिलासपुर। शहर की सड़कों पर पसरा अंधेरा अब आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, शहर में कुल 34,330 स्ट्रीट लाइटें हैं, जिनमें से 14,000 से अधिक लाइटें खराब हालत में हैं। नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए निगम ने पहले ₹5.5 करोड़ का टेंडर जारी किया था, लेकिन तकनीकी खामियों और वित्तीय नुकसान की आशंका के चलते उसे रद्द कर दिया गया। अब, निगम ने ₹5.48 करोड़ का नया टेंडर जारी किया है, जिसमें 14,500 लाइटों की मरम्मत और 750 नए खंभों की स्थापना शामिल है। इस टेंडर की अंतिम तिथि 1 मई 2025 तय की गई थी।
पूर्व में स्ट्रीट लाइटों का रखरखाव एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के जिम्मे था, लेकिन अब उनका अनुबंध समाप्त हो चुका है। ऐसे में स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और देखरेख की पूरी जिम्मेदारी नगर निगम पर आ गई है। निगम ने अपने बिजली विभाग के 15 कर्मचारियों को इस कार्य के लिए नियुक्त किया है।
बता दें कि कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने शहर में बंद पड़ी सैकड़ों स्ट्रीट लाइटों पर संज्ञान लिया था। इसके बाद नगर निगम और EESL की संयुक्त टीम ने निरीक्षण कर 2,000 से अधिक लाइटों की मरम्मत की थी। लेकिन अनुबंध की अवधि समाप्त होने के बाद यह काम रुक गया है, जिससे शहर की कई गलियां और सड़कें अब फिर से अंधेरे में डूबी हैं।
महापौर पूजा विधानी ने भरोसा दिलाया है कि नया टेंडर जारी कर दिया गया है और बहुत जल्द शहर में स्ट्रीट लाइटें दोबारा रोशन होंगी।





