GGU में बड़ा एक्शन, एनएसएस के 12 कार्यक्रम अधिकारी हटाए गए

बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, बिलासपुर में एनएसएस (राष्ट्रीय सेवा योजना) शिविर के दौरान उपजे विवाद ने अब बड़ा रूप ले लिया है। हिंदू छात्रों को कथित रूप से नमाज पढ़वाने के आरोप के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एनएसएस के सभी 12 कार्यक्रम अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।

एनएसएस शिविर के दौरान सामने आए एक वीडियो में दावा किया गया कि कुछ छात्रों को जबरन धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया। इस घटना के सामने आने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और सनातन समाज के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया, लगातार बढ़ते विरोध और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।
हटाए गए कार्यक्रम अधिकारियों की सूची
इस विवादित मामले में जिन 12 कार्यक्रम अधिकारियों को हटाया गया है, उनमें प्रमुख विभागों के प्रोफेसर और फैकल्टी सदस्य शामिल हैं:
डॉ. प्रीति सतवानी – कंप्यूटर साइंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी
आशुतोष नायक – सिविल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंप्यूटेशनल
डॉ. गीता मिश्रा – प्राणी शास्त्र विभाग
डॉ. मधुलिका सिंह – वनस्पति विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी
डॉ. ज्योति वर्मा – कला अध्ययन शाला
डॉ. नीरज कुमार – रसायन विभाग
डॉ. विकास चन्द – वनस्पति विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी
डॉ. प्रमोद कुमार द्विवेदी – वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग
डॉ. अश्वलेश्वर कुमार श्रीवास्तव – कंप्यूटर साइंस
डॉ. प्रशांत वैष्णव – कंप्यूटर साइंस
डॉ. सूर्यभान सिंह – रसायन विभाग
डॉ. वसंत कुमार – कला अध्ययन शाला
परिसर में हलचल, छात्र और राजनीतिक संगठन सतर्क
एनएसएस अधिकारियों को हटाए जाने के बाद से विश्वविद्यालय परिसर में अभूतपूर्व हलचल है। छात्रों के साथ-साथ कई राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की नजर इस पूरे मामले पर बनी हुई है। एबीवीपी और अन्य संगठनों ने जांच की मांग के साथ-साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग दोहराई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले पर फिलहाल आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, आंतरिक जांच समिति गठित की जा सकती है, जो पूरे घटनाक्रम की समीक्षा कर विस्तृत रिपोर्ट देगी।





