साय कैबिनेट पर भूपेश-बैज ने साधा निशाना, मंत्री विस्तार में सीएम को किया टारगेट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को साय कैबिनेट का विस्तार हुआ, जिसमें राजेश अग्रवाल, खुशवंत साहेब और गजेंद्र यादव ने मंत्री पद की शपथ ली। इस पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि मुख्यमंत्री की पसंद को नजरअंदाज कर बाहरी दबाव और सौदेबाजी से मंत्रियों का चयन किया गया। उन्होंने दावा किया कि एक मंत्री अडाणी की पसंद से, दूसरा संघ के दबाव में और तीसरा चुनाव के समय हुई सौदेबाजी के चलते मंत्री बना है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंत्रियों की संख्या 13 से बढ़ाकर 14 करने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार कैबिनेट में 15 प्रतिशत से अधिक मंत्री नहीं हो सकते। कांग्रेस सरकार ने भी 2018 में 14 मंत्री बनाने की मांग की थी, लेकिन केंद्र ने अनुमति नहीं दी थी। ऐसे में बिना अनुमति के 14वां मंत्री बनाना असंवैधानिक है। भूपेश ने वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि लता उसेंडी, विक्रम उसेंडी, अजय चंद्राकर, राजेश मूणत और रेणुका सिंह जैसे अनुभवी नेताओं को दरकिनार कर दिया गया। अगर उनमें आत्मसम्मान बचा है तो उन्हें विरोध करना चाहिए।
बैज ने भी कहा कि परंपरा के मुताबिक अब तक 13 मंत्री होते आए हैं, लेकिन इस बार 14 मंत्री बनाए गए। इसके बावजूद आधा दर्जन से ज्यादा विधायकों की अनदेखी हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अनुभव और वरिष्ठता को महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने आगे कहा कि शपथ ग्रहण में अजय चंद्राकर शामिल नहीं हुए और धरमलाल कौशिक प्रदेश से बाहर चले गए। यह भाजपा की अंदरूनी कलह का सबूत है। बैज ने दावा किया कि सरकार की उल्टी गिनती अब शुरू हो चुकी है और संभव है कि यह अपना कार्यकाल भी पूरा न कर पाए।





