भ्रष्टाचार, नक्सलवाद और धर्मांतरण कानून पर भूपेश बघेल का हमला, भाजपा सरकार पर साधा निशाना

बिलासपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में साड़ी घोटाला, नक्सलवाद, धर्मांतरण कानून और विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐसा कोई विभाग नहीं बचा है, जहां भ्रष्टाचार न हो रहा हो और जो जांच की मांग करता है, उस पर ही केस दर्ज कर दिया जाता है।
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि PWD, जल संसाधन और कृषि विभाग में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि PWD में पहले वर्क ऑर्डर जारी होता है और बाद में टेंडर होता है, जो गंभीर गड़बड़ी को दर्शाता है। कृषि विभाग पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग की प्राथमिकताएं बदल गई हैं और कई तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
नक्सलवाद के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरते हुए बघेल ने कहा कि यदि सरकार दावा करती है कि नक्सलवाद खत्म हो चुका है, तो सुरक्षा बलों और भाजपा नेताओं की सुरक्षा भी हटा लेनी चाहिए। धर्म स्वातंत्र्य संशोधित अधिनियम पर उन्होंने कहा कि जबरिया धर्मांतरण के खिलाफ उनके कार्यकाल में भी कार्रवाई हुई थी, लेकिन अब केवल सजा बढ़ाई गई है और मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
राज्यपाल के हस्ताक्षर को लेकर उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण और यूनिवर्सिटी बिल जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव राजभवन में लंबित हैं, लेकिन उन पर निर्णय नहीं हो रहा है। वहीं आगामी चुनावों को लेकर बघेल ने कहा कि कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरेगी और असम में राजनीतिक परिस्थितियां बदलने वाली हैं।





