दुर्ग में अफीम की अवैध खेती पर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार से पूछे कई सवाल

रायपुर। दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा किसान मोर्चा से जुड़े नेता विनायक ताम्रकार के खेत में अफीम की कथित अवैध खेती का मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शनिवार को स्वयं समोदा गांव पहुंचे और खेत का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार दो ट्वीट कर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कई सवाल उठाए।
“सुशासन की अफीम” बताकर साधा निशाना
अपने पहले ट्वीट में भूपेश बघेल ने कहा कि दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में करीब 10 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद वे मौके पर पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे।
उन्होंने कहा कि विनायक ताम्रकार को इलाके में काफी रसूखदार व्यक्ति बताया जा रहा है और उनका उठना-बैठना बड़े अधिकारियों और मंत्रियों के साथ है। बघेल ने सवाल उठाया कि यह अफीम की खेती भाजपा किसान मोर्चा का प्रोजेक्ट है या मंत्रियों का?
नव्या मलिक का भी किया जिक्र
अपने दूसरे ट्वीट में भूपेश बघेल ने इस मामले को “सुशासन की अफीम” बताते हुए कहा कि समोदा में स्थित यह खेत भाजपा नेता विनायक ताम्रकार का बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने विधानसभा में गृहमंत्री विजय शर्मा से सूखे नशे के मुद्दे पर सवाल किए थे, लेकिन स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि नशा तस्करी से जुड़े नव्या मलिक का नाम पहले सरकार की सूची में था, लेकिन बाद में वह सूची से गायब हो गया। बघेल ने सवाल उठाया कि आखिर नव्या मलिक का नाम सूची से क्यों हटाया गया और क्या इसका संबंध इस पूरे मामले से है।
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से मांगा जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा से कई सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि अफीम की इस कथित खेती में कौन-कौन से मंत्री और अधिकारी शामिल हैं, नव्या मलिक का नाम सूची से किसने हटाया, वह कितनी बार विदेश गई और किन लोगों के साथ गई।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल किया कि विनायक ताम्रकार का मुख्यमंत्री निवास में कब-कब आना-जाना हुआ और किन नेताओं व अधिकारियों से उनके संबंध हैं।
अंत में भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार की चुप्पी से जनता के मन में संदेह और गहरा हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सूखे नशे के मामलों के कारण कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है।





